Tuesday , 8 September 2026

बड़ा फर्जीवाड़ा: बौद्ध भिक्षु बनकर 20 बांग्लादेशियों ने बनवाए फर्जी भारतीय पासपोर्ट, चीन-थाईलैंड की यात्राएं कीं; STF ने मुख्य गवाह को दबोचा

ग्वालियर ब्यूरो: देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से सामने आया है। यहां डबरा तहसील के एक ही पते का इस्तेमाल कर 20 बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट तैयार करा दिए गए। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य साजिशकर्ता और एकमात्र गवाह बने रियाल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उसने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं।

बौद्ध विहार का पता और फर्जी पहचान पत्रों का खेल एसटीएफ की तफ्तीश में सामने आया कि गिरोह ने बेहद शातिराना अंदाज में सभी 20 बांग्लादेशी नागरिकों को डबरा स्थित बौद्ध विहार में रहने वाला बौद्ध धर्म का अनुयायी दर्शाया। इन घुसपैठियों को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए स्थानीय स्तर पर फर्जी पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र और 10वीं की फर्जी अंकसूची सहित अन्य दस्तावेज तैयार किए गए। इन्हीं जाली दस्तावेजों की बिनाह पर पासपोर्ट सेवा केंद्र में आवेदन दाखिल किए गए। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि सभी 20 पासपोर्ट आवेदनों में रियाल चौधरी ही अकेला गवाह बना और उसी के हस्ताक्षर मिले।

पुलिस सत्यापन पर उठे गंभीर सवाल, मिलीभगत की जांच शुरू किसी भी पासपोर्ट को हरी झंडी मिलने से पहले स्थानीय पुलिस द्वारा आवेदक के भौतिक पते, मूल पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जमीनी जांच की जाती है। ऐसे में डबरा के एक ही बौद्ध विहार के पते पर 20 विदेशी नागरिकों के भारतीय पासपोर्ट बन जाना स्थानीय पुलिस के सत्यापन तंत्र की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े करता है। एसटीएफ अब इस बिंदु की तहकीकात कर रही है कि यह मैदानी पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही थी या फिर घूसखोरी और मिलीभगत का सुनियोजित खेल। मामले में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

पांच साल पहले जारी हुए पासपोर्ट, चीन और थाईलैंड तक सफर एसटीएफ के अधिकारियों ने खुलासा किया कि ये सभी फर्जी पासपोर्ट करीब पांच साल पहले जारी किए गए थे। इन भारतीय पासपोर्टों की आड़ में कई बांग्लादेशी नागरिकों ने भारत की सीमा पार कर थाईलैंड, चीन और भूटान समेत कई अन्य देशों की यात्राएं भी कीं। विदेशी धरती पर उनकी गतिविधियों और यात्राओं के वास्तविक मकसद को खंगालने के लिए केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं।

44 अन्य संदिग्ध पासपोर्ट रडार पर, एक और हिरासत में रियाल चौधरी से की गई सघन पूछताछ के बाद जांच का दायरा और फैल गया है। एसटीएफ के रडार पर अब 44 अन्य संदिग्ध पासपोर्ट भी आ चुके हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि इनमें से भी अधिकांश पासपोर्ट में समान पते और एक ही तरह के गवाहों के ब्योरे दर्ज हैं। इस सिलसिले में एसटीएफ ने एक अन्य संदिग्ध को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे गिरोह के तार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

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