
कानपुर ब्यूरो: पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब कानपुर में साफ दिखने लगा है। कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़कर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है। मंगलवार को बैराज के अपस्ट्रीम में पानी का स्तर 114.410 मीटर तक पहुंच गया, जो निर्धारित चेतावनी निशान 114 मीटर से 41 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि नदी अभी खतरे के निशान (115 मीटर) से 59 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बढ़ते दबाव को देखते हुए बैराज से बड़े पैमाने पर पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है, जिससे कटरी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
बैराज से 3.82 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, डाउनस्ट्रीम में भी बढ़ा दबाव सोमवार के मुकाबले मंगलवार को जलस्तर में तेज उछाल देखा गया। अपस्ट्रीम के साथ-साथ डाउनस्ट्रीम में भी जलस्तर चढ़कर 114.090 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा के भारी उफान को नियंत्रित करने के लिए कानपुर बैराज से 3,82,701 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण downstream के तटीय गांवों और बस्तियों की ओर पानी का दबाव बढ़ गया है।
शुक्लागंज में भी चेतावनी स्तर के करीब पहुंचीं लहरें कानपुर से सटे शुक्लागंज इलाके में भी गंगा के तेवर तल्ख नजर आ रहे हैं। यहां जलस्तर 112.820 मीटर तक पहुंच चुका है, जबकि यहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का लाल निशान 114 मीटर तय है। ऊपरी बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते जलस्तर में और बढ़ोतरी का अंदेशा बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, हरिद्वार बैराज से 1,12,979 क्यूसेक और नरोरा बैराज से 1,05,633 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, तटीय क्षेत्रों में पैनी निगरानी के निर्देश गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्थिति पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील और तटीय इलाकों में विशेष निगरानी दल तैनात कर दिए गए हैं। सभी संबंधित विभागों, राजस्व कर्मियों और राहत-बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू किए जा सकें।
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