Sunday , 6 September 2026

लखनऊ में दर्दनाक हादसा: सरकारी ट्यूबवेल के गड्ढे में डूबने से 5 साल के मासूम की मौत, पिता दुबई में मर्चेंट नेवी में तैनात; लोहिया अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

 लखनऊ.   राजधानी लखनऊ के चिनहट-बीबीडी क्षेत्र अंतर्गत जुग्गौर के डीह गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शनिवार शाम सरकारी ट्यूबवेल के पास बने गहरे जलभराव वाले गड्ढे में फिसलकर गिरने से 5 वर्षीय मासूम हर्षित चौरसिया की डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। बच्चा पड़ोस में चल रही सत्यनारायण कथा के दौरान अपने हमउम्र दोस्त के साथ बाहर निकला था। बच्चे के पिता बृजेश चौरसिया मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं और वर्तमान में दुबई में तैनात हैं। इस हृदयविदारक हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।

सत्यनारायण कथा से निकला था मासूम, पैर फिसलने से हुआ हादसा

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब चार बजे पड़ोस के एक घर में श्री सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन हो रहा था। इसी दौरान 5 वर्षीय हर्षित अपने साथी नंदीश तिवारी (5 वर्ष) के साथ बाहर गया। दोनों बच्चे पास ही स्थित सरकारी ट्यूबवेल के समीप पहुंचे, जहां ट्यूबवेल से निरंतर गिरने वाले पानी के कारण करीब पांच फीट गहरा गड्ढा बना हुआ था। खेलते और शौच के दौरान हर्षित का पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी से भरे गड्ढे में समा गया।

दोस्त ने बचाने की कोशिश की, फिर घर भागकर दी जानकारी

मासूम नंदीश ने पुलिस को बताया कि उसने हर्षित को गड्ढे से बाहर खींचने का भरसक प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहने पर वह तुरंत भागकर घर पहुंचा और अपनी दादी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन चीखते-पुकारते मौके की तरफ दौड़े। हर्षित के बड़े भाई उज्ज्वल ने फौरन गड्ढे में उतरकर अचेत अवस्था में पड़े बच्चे को बाहर निकाला।

लोहिया अस्पताल पर भर्ती न करने का आरोप, दूसरे अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

परिजन आनन-फानन में बच्चे को लेकर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे। परिजनों का गंभीर आरोप है कि लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर हालत के बावजूद बच्चे को देखने से मना कर दिया और टरका दिया। इसके बाद बेबस परिजन उसे लेकर शहीद पथ स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल भागे, जहां इमरजेंसी के डॉक्टरों ने जांच के उपरांत बच्चे को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के इस कथित गैरजिम्मेदाराना रवैये से परिजनों में भारी आक्रोश है।

थाना क्षेत्र के फेर में उलझी रही पुलिस, तीन घंटे बाद पहुंची टीम

हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस काफी देर तक घटनास्थल का सटीक पता तलाशने में भटकती रही। संपर्क न हो पाने पर चिनहट पुलिस ने परिजनों का नंबर सर्विलांस पर ट्रेस किया। घटना के करीब तीन घंटे बाद शाम 7:15 बजे जब चिनहट पुलिस परिजनों के घर पहुंची, तब जानकारी हुई कि घटनास्थल वास्तव में बीबीडी (बाबू बनारसी दास) थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जिस समय पुलिस पहुंची, परिजन गहरे शोक में डूबे बच्चे के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने मामले की अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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