Monday , 28 September 2026

यूपी 2027 चुनाव: प्रयागराज में चिराग पासवान का शक्ति प्रदर्शन, ‘यूथ बोले तो’ से भरेंगे हुंकार; चुनाव आयोग को दी बड़ी नसीहत

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने राज्य में अपनी सियासी सक्रियता तेज कर दी है। पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान संगम नगरी प्रयागराज के ऐतिहासिक परेड मैदान से उत्तर प्रदेश में अपने व्यापक चुनावी अभियान का औपचारिक शंखनाद करेंगे। इस दौरान वह ‘यूथ बोले तो’ विशेष संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के नौजवानों के सीधे सवालों से रूबरू होंगे और बेरोजगारी, शिक्षा और विकास जैसे ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, बिहार के बाद अब यूपी के युवाओं को केंद्र में रखकर पार्टी राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करते हुए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी है।

परेड मैदान में 15 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं का जुटेगा हुजूम

प्रयागराज के परेड मैदान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, वाराणसी सहित आसपास के कई जिलों से 15 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं और युवाओं के जुटने की संभावना है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, आयोजन सुबह 11 बजे शुरू हो जाएगा, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शाम 4 बजे मुख्य मंच पर पहुंचकर युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इस बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी व जमुई सांसद अरुण भारती, कई विधायक और बिहार सरकार के प्रमुख मंत्री भी शामिल रहेंगे।

‘जनता के संशय दूर करे निर्वाचन आयोग, विपक्ष के बयानों की परवाह नहीं’

चुनावी अभियान की शुरुआत के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित आंतरिक मतभेदों से जुड़ी खबरों पर भी अपनी दो टूक राय रखी है। चिराग पासवान ने कहा कि निर्वाचन आयोग को आगे आकर जनता के मन में उठ रहे सभी संशयों और भ्रांतियों को पूरी स्पष्टता से दूर करना चाहिए। हाजीपुर सांसद ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार में मंत्री होने के नाते उनका मकसद किसी भी संवैधानिक संस्था का आंख मूंदकर बचाव करना नहीं है। विपक्ष और खासकर राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल सदैव अपने राजनीतिक स्वार्थ के मुताबिक स्टैंड लेते हैं, इसलिए उनके बयानों को ज्यादा तवज्जो देने की जरूरत नहीं है।

लोकतंत्र में चुनावी प्रणाली पर जन-विश्वास कायम रहना अनिवार्य

केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि आम जनता का चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से भरोसा डगमगाने लगे, तो यह किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि आयोग को राहुल गांधी या उनके गठबंधन के नेताओं के आरोपों का व्यक्तिगत जवाब देने में समय गंवाने के बजाय अपनी प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी बनाना चाहिए। निर्वाचन आयोग को सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से तथ्य प्रस्तुत करने चाहिए ताकि देश के प्रत्येक मतदाता के मन में चुनावी प्रक्रिया की शुचिता को लेकर किसी प्रकार का कोई भ्रम न रहे।

 

Check Also

Asian Games: बारिश में धुला क्वार्टर फाइनल, फिर भी सेमीफाइनल में पहुंचा भारत; जानें किस नियम ने अफगानिस्तान का तोड़ा दिल

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने बिना एक भी गेंद फेंके सेमीफाइनल …