Sunday , 27 September 2026

चक्रवात ‘अर्नब’ का तांडव: यूपी में 19 गुना अधिक बरसे बादल, 15 की मौत; उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रुकी, बिहार-ओडिशा पर मंडराया बाढ़ का संकट

सितंबर के आखिरी पखवाड़े में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने पूरे देश में तबाही मचा रखी है। देश के अधिकांश राज्यों में इस मानसूनी चक्रवात का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में बीते 60 घंटों से लगातार जारी मूसलाधार बारिश और बिगड़े मौसम ने जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में भारी बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 4 पशुओं की जान गई है और 117 कच्चे-पक्के मकान जमींदोज हो गए हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से भी जलभराव, मकान ढहने और हादसों में जनहानि की लगातार सूचनाएं आ रही हैं, जिससे नुकसान का दायरा बढ़ता जा रहा है।

यूपी में राहत और बचाव अभियान तेज, अधिकारियों को सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जलभराव और गंभीर बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए शासन स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को सीधे फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि अधिकारी प्रभावित परिवारों से खुद जाकर मिलें और बिना किसी देरी के त्वरित आर्थिक व चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराएं। साथ ही घायलों के समुचित उपचार, क्षतिग्रस्त मकानों और बर्बाद फसलों का तत्काल सर्वे कर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना बारिश, कई जिलों में भारी तबाही

सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के भीतर सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है। सबसे भीषण स्थिति फर्रुखाबाद में रही, जहां सामान्य से रिकॉर्ड 200 गुना अधिक पानी बरसा। इसके बाद कानपुर नगर में 160 गुना और कन्नौज, कानपुर देहात व हरदोई में सामान्य से 130 गुना ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई। पश्चिमी यूपी के बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में भी बादलों ने जमकर कहर बरपाया है।

प्राकृतिक आपदा के चलते लखीमपुर खीरी में चार और अयोध्या में दो लोगों की जान गई है। वहीं अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एक-एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। लगातार सीलन और बारिश के चलते कच्चे मकान और दीवारें भरभराकर गिर रही हैं। बांदा में 32, जालौन में 21, हरदोई में 14 तथा औरैया और पीलीभीत में 7-7 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।

नेपाल में मूसलाधार बारिश से पूर्वी यूपी और बिहार में हाई अलर्ट

पड़ोसी देश नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही मूसलाधार बारिश ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में खतरे की घंटी बजा दी है। सीमा से सटी नदियों का जलस्तर तेजी से लाल निशान की ओर बढ़ रहा है। राहत आयुक्त ने सीमांत जिलों के प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों को तैनात रखने को कहा है।

उधर, बिहार सरकार ने भी शनिवार को आपात बैठक बुलाकर गंडक, बागमती और कोसी नदी के तटवर्ती जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। जिलाधिकारियों को सभी प्रमुख तटबंधों, निचले रिहायशी इलाकों, नदी किनारे बसे गांवों और महत्वपूर्ण पुलों की चौबीसों घंटे निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके।

उत्तराखंड में रेड अलर्ट के बाद चारधाम यात्रा रोकी गई, छत्तीसगढ़ में ट्रैक धंसा

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी कुदरत का कहर जारी है। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को राज्य के पर्वतीय व मैदानी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में शनिवार के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया, जबकि बाकी जनपदों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। बिगड़ते मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन चारधाम यात्रा को आगामी दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है।

मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में भी हालात बिगड़े हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर संभाग अंतर्गत दुर्ग-दल्लीराजहरा रेल खंड पर भारी बारिश के चलते लताबोड़ और गुंडरदेही स्टेशनों के बीच पटरियों के नीचे की मिट्टी बह गई और रेलवे ट्रैक धंस गया। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं या उन्हें रद्द किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और मध्य प्रदेश में बादलों का पहरा

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी वर्षा का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने आकाशीय बिजली और आंधी को लेकर भी कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और हरियाणा में 27 सितंबर को तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके बाद 28 सितंबर से मौसम में थोड़ा सुधार होने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश के पूर्वी अंचलों में 26 सितंबर को अति भारी और पश्चिमी क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है, जबकि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गरज-चमक की स्थिति लगातार बनी हुई है।

ओडिशा के हीराकुड डैम के 16 गेट खुले, अगले 36 घंटे बेहद संवेदनशील

ओडिशा में लगातार जारी झमाझम बारिश के चलते राज्य की प्रमुख नदियां उफान पर आ गई हैं। हालात को काबू में रखने के लिए हीराकुड बांध के 16 गेट खोलकर महानदी में लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सरकार ने तटीय और निचले इलाकों से लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाना शुरू कर दिया है। बालासोर, भद्रक, जाजपुर, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरी, क्योंझर और जगतसिंहपुर में अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) से भारी तबाही हुई है। अकेले बालासोर जिले के 91 गांवों की 14,660 की आबादी बाढ़ से घिर गई है, जिनमें से अब तक 3,268 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी 24 से 36 घंटे उत्तर और पूर्वी भारत के लिए अत्यंत संवेदनशील रहने वाले हैं। यूपी और उत्तराखंड का प्रशासनिक अमला जहां बारिश और भूस्खलन को लेकर सतर्क है, वहीं बिहार में उफनती नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से निकलें, मौसम संबंधी एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपदा राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 पर तुरंत संपर्क करें।

 

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