Sunday , 13 September 2026

ग्लोबल मार्केट में यूपी का डंका: ब्रिक्स देशों में ₹47,484 करोड़ के उत्पादों की धूम, यूएई और वियतनाम बने सबसे बड़े खरीदार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की औद्योगिक नीतियों और निर्यात प्रोत्साहन के विजन से उत्तर प्रदेश के उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजारों में तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश के कुल निर्यात में अब ब्रिक्स (BRICS) और उसके सहयोगी देशों की हिस्सेदारी बढ़कर 23.7 प्रतिशत पहुंच गई है। नवीनतम निर्यात आंकड़ों के मुताबिक, यूपी ने इन देशों को कुल ₹47,484 करोड़ का निर्यात दर्ज किया है। इसमें मुख्य ब्रिक्स सदस्य देशों को ₹34,811 करोड़ तथा पार्टनर देशों को ₹12,673 करोड़ का निर्यात शामिल है, जो राज्य की मजबूत आर्थिक क्षमता को साबित करता है।

ब्रिक्स सम्मेलन से खुले कारोबार के नए रास्ते

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक तालमेल को नई मजबूती दे रहा है। यूपी के कुल लगभग ₹2 लाख करोड़ के निर्यात में ब्रिक्स ब्लॉक की बढ़ती भागीदारी बेहद अहम मानी जा रही है। प्रदेश के एमएसएमई और बड़े उद्यम खाद्य सामग्री, मशीनरी, गारमेंट्स, जेम्स-ज्वेलरी और लेदर प्रोडक्ट्स का बड़े पैमाने पर निर्यात कर रहे हैं। इन उभरते बाजारों में विशाल आबादी और बढ़ती मांग के चलते स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधे कारोबार के बड़े अवसर मिल रहे हैं।

21 देशों तक पहुंची यूपी के हुनर की चमक

उत्तर प्रदेश के निर्यातक अब केवल पश्चिमी या पारंपरिक बाजारों तक सीमित नहीं हैं। राज्य के उत्पादों की धमक 11 ब्रिक्स सदस्यों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई, इंडोनेशिया) और 10 पार्टनर देशों (बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाखस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान, वियतनाम) में स्पष्ट दिख रही है। एशिया, लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और खाड़ी देशों के बाजारों में यूपी के सामान की निरंतर मांग औद्योगिक विविधता को दर्शाती है।

यूएई बना सबसे बड़ा खरीदार, सऊदी और मिस्र भी आगे ब्रिक्स सदस्य देशों की सूची में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) यूपी का सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार बनकर उभरा है। अकेले यूएई को ₹15,133 करोड़ का निर्यात हुआ, जो समूह के कुल निर्यात का 43.5 फीसदी है। इसके अलावा सऊदी अरब को ₹4,938 करोड़, मिस्र को ₹3,848 करोड़, इंडोनेशिया को ₹2,670 करोड़, चीन को ₹2,497 करोड़, ब्राजील को ₹2,209 करोड़, दक्षिण अफ्रीका को ₹1,690 करोड़ और रूस को ₹1,584 करोड़ का निर्यात दर्ज किया गया। वहीं ईरान को ₹131 करोड़ और इथियोपिया को ₹110 करोड़ का माल भेजा गया।

पार्टनर देशों में वियतनाम और मलेशिया का दबदबा सहयोगी राष्ट्रों की श्रेणी में वियतनाम और मलेशिया सबसे आगे रहे। वियतनाम ने यूपी से ₹5,949 करोड़ (46.9%) और मलेशिया ने ₹3,740 करोड़ (29.5%) का आयात किया। अन्य सहयोगी देशों में उज्बेकिस्तान को ₹1,339 करोड़, थाईलैंड को ₹733 करोड़, नाइजीरिया को ₹730 करोड़, युगांडा को ₹114 करोड़, कजाखस्तान को ₹49 करोड़, बोलीविया को ₹10 करोड़ और बेलारूस को ₹8 करोड़ का सामान भेजा गया। इन देशों में मुख्य रूप से खाद्य उत्पाद, लेदर और इंजीनियरिंग उपकरणों की व्यापक खपत हो रही है।

इलेक्ट्रिकल उपकरण, मशीनरी और ज्वेलरी की सर्वाधिक मांग आंकड़ों के अनुसार, ब्रिक्स सदस्य देशों को निर्यात किए गए सामानों में ₹3,894 करोड़ के इलेक्ट्रिकल मशीनरी व उपकरण, ₹2,527 करोड़ के परिधान व वस्त्र, ₹2,494 करोड़ की मशीनरी व मैकेनिकल टूल्स और ₹2,378 करोड़ के कीमती रत्न व आभूषण शामिल हैं। वहीं पार्टनर देशों को ₹928 करोड़ के इलेक्ट्रिकल उपकरण, ₹539 करोड़ की मशीनरी, ₹302 करोड़ के एल्युमिनियम उत्पाद और ₹280 करोड़ के चमड़ा उत्पाद निर्यात किए गए।

योगी सरकार की नीतियों से वैश्विक बना लोकल उत्पाद औद्योगिक ढांचा, बेहतर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स सुधार और इज ऑफ डूइंग बिजनेस के दम पर यूपी का विनिर्माण क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतर रहा है। राज्य सरकार पैकेजिंग, क्वालिटी टेस्टिंग और ब्रांडिंग की सुविधाओं को आधुनिक बनाकर स्थानीय ओडीओपी (ODOP) और एमएसएमई इकाइयों को सीधा वैश्विक एक्सपोर्टर बनाने में जुटी है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

 

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