
नई दिल्ली। मध्य भारत समेत उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश में तीन दिन की राहत के बाद मानसून पूरी ताकत से लौट आया है। शुक्रवार को एमपी के पूर्वी हिस्से के 12 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के 49 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक का अंदेशा जताया गया है। वहीं, राजस्थान में भी शुष्क हवाओं के दौर के बाद बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम से झमाझम बारिश की वापसी होने जा रही है।
एमपी में रीवा-छिंदवाड़ा समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से धूप खिलने के कारण उमस और गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया था। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में पारा चढ़ने लगा था, लेकिन अब बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया, एक्टिव मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते नया मानसूनी दौर शुरू हो चुका है। मौसम केंद्र ने शुक्रवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
इंदौर-उज्जैन में 12 सितंबर से सुधरेगा बारिश का कोटा
बारिश की यह सक्रियता शनिवार से पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगी। 12 सितंबर से इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है। पश्चिमी एमपी के कई जिले इस सीजन में अब तक सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे चल रहे हैं, ऐसे में मौसम विभाग का मानना है कि यह नया सिस्टम इन इलाकों में बारिश के बैकलाग को काफी हद तक पूरा कर देगा।
यूपी के 49 जिलों में आकाशीय बिजली की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के चलते पूर्वांचल, तराई और दक्षिणी हिस्सों में मौसम बदल गया है। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी और अमेठी में छिटपुट बारिश दर्ज की गई। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, कम दबाव के क्षेत्र के असर से शुक्रवार को प्रदेश के 49 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की प्रबल आशंका है, हालांकि तापमान में बहुत अधिक बदलाव नहीं होगा।
लखनऊ में अचानक बरसी आफत, आधे घंटे में सड़कें लबालब
राजधानी लखनऊ में बृहस्पतिवार की शाम मौसम ने अचानक पलटी मारी। हजरतगंज, कैसरबाग, पारा और सरोजनीनगर जैसे इलाकों में शाम के वक्त अचानक आधा घंटा हुई तेज बरसात से राहगीर भीगने से बचने के लिए फ्लाईओवर और पेड़ों के नीचे शरण लेते दिखे। वहीं गोमतीनगर और इंदिरानगर में देर शाम तक रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं, जिससे दिनभर की चिपचिपी उमस से लोगों को कुछ राहत मिली।
राजस्थान में शुष्क हवाओं का दौर खत्म, 15 सितंबर तक जमकर बरसेंगे बदरा
राजस्थान में बीते कुछ दिनों से चल रही शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन अब राहत की उम्मीद बंध गई है। उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से पूर्वी राजस्थान में 11 और 12 सितंबर से वर्षा का नया दौर शुरू हो रहा है। इसके बाद 12 और 13 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान में भी बादलों की आमद बढ़ेगी।
कोटा, जयपुर और भरतपुर में झमाझम, जोधपुर-बीकानेर में भी फुहारें
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग में हल्की से मध्यम बारिश की शुरुआत हो चुकी है। 12 से 15 सितंबर के बीच इसका असर जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में दिखेगा। विशेष रूप से 13 और 14 सितंबर को कोटा संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के इलाकों में भी 13 से 15 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
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