लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकने की बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश के मामले में लखनऊ की विशेष एनआईए (NIA) अदालत ने सख्त कदम उठाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उसके सात अन्य सहयोगियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं। यह मामला केवल मजहब बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के खिलाफ ‘युद्ध छेड़ने’ और देश में शरिया कानून लागू करने की एक खतरनाक योजना से जुड़ा है।
NIA कोर्ट ने लगाईं देशद्रोह और गैंगरेप जैसी गंभीर धाराएं
विशेष अदालत ने जलालुद्दीन और उसके सिंडिकेट के खिलाफ धोखाधड़ी, गैंगरेप, छेड़खानी और अवैध धर्मांतरण निषेध कानून के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की सबसे गंभीर धाराओं—देशद्रोह (Sedition) और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने (Waging War against India)—के तहत आरोप तय किए हैं। अदालत ने साफ कर दिया है कि इस मामले की अगली सुनवाई और गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया 2 मई 2026 से शुरू होगी।
इन 8 आरोपियों पर तय हुए आरोप:
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जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा
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नीतू उर्फ नसरीन
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सबरोज़
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शहाबुद्दीन
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रशीद
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राजेश कुमार उपाध्याय
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नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन
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महबूब
शरिया कानून और ‘इस्लामिक राष्ट्र’ बनाने का था लक्ष्य
जांच एजेंसी द्वारा अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, इस गिरोह का अंतिम उद्देश्य भारत की एकता और अखंडता को नष्ट करना था। आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश रची थी जिसके तहत:
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धर्मांतरण के जरिए मुस्लिम आबादी बढ़ाकर लोकतांत्रिक सरकार को अस्थिर करना।
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देश के संविधान को हटाकर शरिया कानून लागू करना और भारत को ‘इस्लामी राष्ट्र’ बनाना।
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विभिन्न समुदायों के बीच धार्मिक नफरत फैलाकर गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करना।
धर्मांतरण का ‘रेट कार्ड’ और विदेशी फंडिंग का खेल
यूपी एटीएस (ATS) की जांच में छांगुर बाबा के सिंडिकेट के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खुद को सूफी संत बताने वाला जलालुद्दीन मूक-बधिर बच्चों और हिंदू-सिख लड़कियों को ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाता था।
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रेट कार्ड: अलग-अलग जातियों के लिए फंड तय था। उच्च जाति और सिख लड़कियों के धर्मांतरण पर 15-16 लाख रुपये, जबकि अन्य के लिए 8 से 12 लाख रुपये का फंड मिलता था।
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100 करोड़ का हवाला: गिरोह के 40 से अधिक बैंक खातों में करीब 100 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला है, जो खाड़ी देशों से हवाला के जरिए आया था।
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अकूत संपत्ति: 2010 तक साइकिल पर नग बेचने वाला छांगुर बाबा आज यूपी, महाराष्ट्र और राजस्थान में करोड़ों की संपत्ति और लग्जरी गाड़ियों का मालिक है। वह पिछले कुछ वर्षों में 40 बार विदेशी दौरे भी कर चुका है।
पाकिस्तान कनेक्शन और सुरक्षा को बड़ा खतरा
एटीएस और एनआईए को आरोपियों के डिजिटल उपकरणों से ऐसी संदिग्ध चैट और वीडियो मिले हैं, जो सीधे तौर पर देश की सुरक्षा को चुनौती देते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह के तार पाकिस्तान और अन्य देशों के कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। 16 नवंबर 2024 को दर्ज हुई इस एफआईआर के बाद अब 2 मई से होने वाली गवाही इस मामले में कई और बड़े चेहरों को बेनकाब कर सकती है।
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