नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टेज बीएंडबी’ होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे देश को दहला कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद उसके काले कारनामों से पर्दा उठना शुरू हो गया है। जांच में जो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, उसने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। पता चला है कि गिरफ्तार लवकेश बजाज कोई सीधा-साधा कारोबारी नहीं है, बल्कि वह पिछले साल बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से बसाने और उनके फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवाने के संगीन मामले में जेल की हवा खा चुका है।
पहाड़गंज में खुले थे बांग्लादेशी कनेक्शन के तार
दिल्ली पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में पहाड़गंज थाना पुलिस ने देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था। इसी कार्रवाई के दौरान पहली बार लवकेश बजाज का नाम सामने आया था। पुलिस ने जांच में पाया था कि कई बांग्लादेशी नागरिक भारत में फर्जी पहचान पत्रों और अवैध भारतीय पासपोर्ट के सहारे शान से रह रहे थे। जब पुलिस ने इन फर्जी दस्तावेजों की गहराई से जांच की, तो पता चला कि इनमें जो पते (Address) दर्ज थे, उनका सीधा संबंध लवकेश बजाज से था।

रेड में मिला था बांग्लादेशी परिवार और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज
यह पूरा मामला 29 जनवरी 2025 का है, जब पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि पहाड़गंज के संगतराशन इलाके में एक बांग्लादेशी परिवार अपनी पहचान छिपाकर रह रहा है। सूचना की कड़ियों को जोड़ते हुए जब पुलिस ने उस मकान पर अचानक छापा मारा, तो वहां दो महिलाएं और एक नाबालिग लड़का मौजूद मिले। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर वे भारत में रहने से जुड़े कोई भी वैध और कानूनी दस्तावेज नहीं दिखा सके।
इसके बाद जब पुलिस ने पूरे घर की तलाशी ली, तो वहां से दो बांग्लादेशी पासपोर्ट, एक भारतीय पासपोर्ट, कई जाली पहचान पत्र और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि अलग-अलग नामों से बनाए गए इन दस्तावेजों पर तस्वीर एक ही महिला की लगी हुई थी, जिससे यह पूरी तरह साफ हो गया कि यह भारतीय नागरिकता हथियाने का एक बड़ा फर्जीवाड़ा था।
चंद रुपयों के लालच में देश की सुरक्षा से खिलवाड़
पुलिसिया तफ्तीश में आगे पता चला कि इस गिरोह में शामिल बांग्लादेशी महिला स्वीटी सरकार उर्फ ब्यूटी हवलदार ने अपना फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए दक्षिण दिल्ली के छतरपुर एन्क्लेव के एक पते का इस्तेमाल किया था। जब पुलिस इस पते का सत्यापन (Verification) करने पहुंची, तो यह आलीशान मकान लवकेश बजाज का निकला।
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद लवकेश बजाज ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया था कि उसने महज कुछ रुपयों के लालच में आकर बांग्लादेशी नागरिकों को अपने घर का पता इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी। पुलिस का सीधा आरोप है कि लवकेश की इसी मिलीभगत और लालच के कारण विदेशी घुसपैठिए भारतीय दस्तावेज हासिल करने में कामयाब रहे और लंबे समय तक देश की नाक के नीचे अवैध रूप से छिपे रहे।
जेल की हवा खाकर जमानत पर बाहर आया था आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहाड़गंज थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर कार्रवाई करते हुए लवकेश बजाज को सलाखों के पीछे भेज दिया गया था। वह करीब 15 दिनों तक तिहाड़ जेल में बंद रहा, जिसके बाद स्थानीय अदालत से उसे जमानत मिल गई थी। इस मामले में पुलिस पहले ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और मुकदमा फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। जमानत पर बाहर आते ही उसने फिर से लापरवाही और नियमों को ताक पर रखकर होटल का धंधा शुरू कर दिया, जो अंततः 21 लोगों की मौत की वजह बना।
अब अग्निकांड मामले में शिकंजा, मैनेजर और अकाउंटेंट की तलाश तेज
मालवीय नगर के इस भीषण अग्निकांड के बाद दक्षिण जिला पुलिस ने लवकेश बजाज को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले लिया है। अब देश की केंद्रीय जांच एजेंसियां और दिल्ली पुलिस होटल के संचालन, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की कुंडली खंगाल रही हैं। हादसे के बाद से ही होटल का अकाउंटेंट जय मिश्रा और मैनेजर राकेश फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस की एक विशेष टीम को बिहार भी भेजा गया है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस अब लवकेश बजाज के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और इस अग्निकांड के बीच के कनेक्शन को भी जोड़ने का प्रयास कर रही है। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस होटल का इस्तेमाल किसी अन्य अवैध गतिविधि या विदेशी नागरिकों को छुपाने के लिए तो नहीं किया जा रहा था।
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