Monday , 24 August 2026

प्रधान का इस्तीफा, आंदोलन खत्म और प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री…अब पेपर लीक पर सरकार का क्या प्लान?

नई दिल्ली। देश भर में हफ्तों से चले आ रहे भारी विरोध प्रदर्शनों, राजनीतिक हलचलों और नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक विवाद के बीच शनिवार को एक बहुत बड़ा फैसला देखने को मिला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। प्रह्लाद जोशी वर्तमान में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा (New & Renewable Energy) तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

शिक्षा मंत्रालय की कमान मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा, “मैं यह जिम्मेदारी कर्तव्य और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में, मैं अपनी पूरी क्षमता और लगन से काम करूंगा।”

36वें दिन जंतर-मंतर पर खत्म हुआ CJP का आंदोलन

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की मैराथन बातचीत सफल होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर चल रहे अपने 36 दिन लंबे आंदोलन को तुरंत वापस लेने की घोषणा कर दी। केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ताओं (आशुतोष रांका और सौरव दास) ने बताया कि सरकार द्वारा उनकी मुख्य मांगें मान लेने के बाद वे “अच्छी नीयत” से प्रदर्शन समाप्त कर रहे हैं।

पर्यावरणविद और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन में शामिल होने से इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी समर्थन मिला था। वांगचुक ने 26 दिनों के उपवास के बाद केंद्र से मिले आश्वासन पर अनशन तोड़ा था, जबकि CJP ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखा।

सरकार ने मानीं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

  • मुकदमों की वापसी: केंद्र सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) और कानूनी मामलों को पूरी तरह वापस लेने पर सहमत हो गई है।

  • पीड़ित परिवारों को मुआवजा: सरकार ने मौजूदा नियमों के अनुसार पेपर लीक विवाद के चलते मानसिक तनाव में आकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने पर सहमति व्यक्त की है।

  • परीक्षा सुधारों पर विचार: एग्जामिनेशन सिस्टम में व्यापक और दीर्घकालिक सुधारों के लिए CJP के 5-पॉइंट चार्टर पर सरकार आगे चर्चा करेगी।

सोमवार को लोकसभा में पेश होगा पेपर लीक विरोधी अमेंडमेंट बिल

परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026’ पेश करेगी। कार्मिक और प्रशिक्षण राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को पटल पर रखेंगे।

प्रस्तावित नए बिल की मुख्य बातें:

  • सख्त सजा: संगठित पेपर लीक रैकेट में शामिल आरोपियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान।

  • समयबद्ध जांच: अपराधों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन होगा, जो 2 महीने के भीतर जांच पूरी करेगी।

  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट: स्पेशल फास्ट-ट्रैक अदालतों में रोजाना सुनवाई होगी और हाई कोर्ट द्वारा 3 महीने में अपीलों का निपटारा किया जाएगा।

विपक्ष ने बताया ‘छात्रों की जीत’, मेट्रो स्टेशन फिर खुले

विपक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के लंबे संघर्ष की बड़ी जीत बताया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह “भारत के भविष्य और छात्रों की जीत” है। वहीं, आंदोलन खत्म होते ही दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने जंतर-मंतर के आसपास बंद किए गए सभी 18 मेट्रो स्टेशनों (जैसे राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट) के एंट्री और एग्जिट गेट आम जनता के लिए फिर से खोल दिए हैं।

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