Thursday , 3 September 2026

शादी के 24 साल बाद IVF से जन्मी थीं जुड़वां बेटियां: मां ने पानी में डुबोकर ली जान, फिर लगाई फांसी; दिल दहला देने वाला मामला

बेंगलुरु।  कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के दक्षिणी क्षेत्र स्थित वज्रहल्ली इलाके से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 40 वर्षीय महिला ने अपनी तीन माह की नवजात जुड़वां बच्चियों की पानी में डुबोकर कथित तौर पर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद महिला ने खुद भी उसी कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, समय रहते परिजनों के पहुंचने से महिला की जान बच गई, लेकिन दोनों मासूम बच्चियों ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।

24 साल की मन्नतों के बाद IVF से हुआ था बेटियों का जन्म

इस त्रासदी की सबसे भावुक और हैरान करने वाली बात यह है कि दंपती को शादी के 24 साल के लंबे इंतजार के बाद संतान सुख मिला था। 50 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी रामलिंगप्पा और उमादेवी का विवाह वर्ष 2002 में हुआ था। शादी के दो दशक से अधिक समय तक निसंतान रहने के बाद उन्होंने आईवीएफ (IVF) तकनीक का सहारा लिया। लंबी प्रतीक्षा और मन्नतों के बाद बीती 5 मई को उमादेवी ने दो जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया था। घर में दो बेटियों की किलकारियां गूंजने से परिवार में जश्न का माहौल था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह खुशी कुछ ही महीनों में मातम में बदल जाएगी।

कमरे का दरवाजा तोड़कर घुसे पिता, फंदे पर लटकी मिली पत्नी

मंगलवार दोपहर रामलिंगप्पा किसी जरूरी काम से बाहर गए हुए थे। दोपहर करीब 2:45 बजे जब वे वापस लौटे, तो घर के एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने आनन-फानन में दरवाजा तोड़ दिया। अंदर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। उमादेवी दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी हुई थीं, जबकि दोनों नवजात बच्चियां पास में ही बिस्तर पर बेसुध पड़ी थीं। रामलिंगप्पा ने तुरंत पत्नी को फंदे से नीचे उतारा और दोनों बच्चियों को लेकर आनन-फानन में नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचे।

बाल्टी में डुबोकर हत्या की आशंका, डॉक्टरों ने बच्चियों को मृत घोषित किया

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों मासूमों की जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, समय पर फंदे से उतारे जाने के कारण उमादेवी की जान बच गई, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के आधार पर पुष्टि की है कि बच्चियों की मौत पानी में दम घुटने (डूबने) के कारण हुई है। परिजनों ने भी आशंका जताई है कि उमादेवी ने कमरे में रखी पानी से भरी बाल्टी में दोनों बच्चियों को डुबोकर उनकी जान ले ली और उसके बाद खुदकुशी का प्रयास किया।

प्रसवोत्तर अवसाद की आशंका, पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही तलघट्टापुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मामला गंभीर मानसिक तनाव या प्रसवोत्तर अवसाद (Postpartum Depression – PPD) का प्रतीत हो रहा है, जो अक्सर प्रसव के बाद महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं, चिकित्सकीय इतिहास और पारिवारिक परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि घटना के असल कारणों का पता लगाया जा सके।

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