Wednesday , 23 September 2026

जमुई छात्रा बदसलूकी मामला: मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में लगी गोली, साथी का पैर टूटा; जानिए कौन है बिहार को शर्मसार करने वाला यह कुख्यात अपराधी

जमुई। शहर से सटे मड़वा पहाड़ी इलाके में अपने सहपाठी के साथ लौट रही नाबालिग छात्रा से सरेराह दरिंदगी और अश्लील हरकत के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। घटना के मुख्य आरोपी नंदन यादव और उसके सहयोगी हरेराम यादव को पुलिस ने मंगलवार को एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी है, जबकि भागने के प्रयास में उसके साथी हरेराम का पैर टूट गया। दोनों घायलों का जमुई सदर अस्पताल में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इलाज कराया जा रहा है।

अवैध शराब की तस्करी और बालू के अवैध धंधे से बनाया दबदबा

जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वजीत दयाल के अनुसार, पकड़े गए मुख्य अभियुक्त नंदन यादव का लंबा और संगीन आपराधिक इतिहास रहा है। वह टाउन थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव का बाशिंदा है। स्थानीय सूत्रों और पुलिसिया जांच के मुताबिक, नंदन यादव मुख्य रूप से कुंदर मार्ग पर अवैध देसी और विदेशी शराब की तस्करी तथा प्रतापपुर घाट से अवैध बालू खनन के नेटवर्क में लिप्त रहा है। अवैध धंधों से जुटाए काले धन और रसूख के बल पर उसने इलाके में दबंगई कायम कर रखी थी और आए दिन ग्रामीणों से मारपीट व रंगदारी वसूलने की घटनाओं में उसका नाम सामने आता रहा।

वारदात के वक्त नशे में था धुत, लाल गमछे से छिपाया था चेहरा

जांच में सामने आया है कि 19 सितंबर की शाम जब आरोपियों ने मड़वा पहाड़ के समीप सहपाठी के साथ आ रही छात्रा को घेरा, तब नंदन यादव शराब के भारी नशे में था। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह मुंह पर लाल रंग का गमछा बांधे झुंड का नेतृत्व करता और पीड़िता के साथ सबसे घिनौनी हरकत करता दिखाई दिया था।

2021 में तत्कालीन SDM के काफिले पर झोंक चुका है गोलियां

मड़वा पहाड़ और प्रतापपुर का इलाका लंबे समय से बालू माफियाओं की पनाहगाह माना जाता रहा है। नंदन यादव और उसके सिंडिकेट की बेखौफ गतिविधियों का आलम यह था कि मई 2021 में अवैध खनन रोकने पहुंचीं तत्कालीन एसडीएम (SDM) प्रतिभा रानी के प्रशासनिक काफिले पर नंदन और उसके गुर्गों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। उस हमले के बाद भी इलाके में उसके नेटवर्क की सक्रियता लगातार बनी रही, जिसका चरम इस दुस्साहसिक वारदात के रूप में सामने आया।

घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ गुरूर

घटना का वीडियो सामने आने के बाद बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम ने दबिश तेज कर दी थी। मंगलवार को जब पुलिस बल ने प्रतापपुर गांव के निकट नंदन यादव की घेराबंदी की, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली नंदन के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा, जबकि उसके साथी हरेराम को भी पैर फ्रैक्चर होने के बाद धर दबोचा गया।

सदर अस्पताल बना छावनी, अब तक 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

दोनों आरोपियों के अस्पताल लाए जाने की सूचना मिलते ही सदर अस्पताल परिसर में भारी भीड़ एकत्र हो गई। आक्रोशित लोगों के गुस्से को भांपते हुए पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री व गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि कानून को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस हर चुनौती का माकूल जवाब देगी।

वहीं, एडीजी (विधि व्यवस्था) केएस अनुपम ने पुष्टि की कि इस मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव सहित अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार या निरुद्ध किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना को अंजाम देने वालों और वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल के तहत न्यायालय में मजबूत पैरवी कर जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाई जाएगी।

 

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