
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास नगर इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां गोरखपुर पुलिस में तैनात एक 25 वर्षीय सिपाही की होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सिपाही किसी साथी के साथ होटल में ठहरा हुआ था। कमरे में शव मिलने की सूचना मिलते ही विकास नगर थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक सिपाही के परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
मृतक सिपाही की पहचान बाराबंकी जिले के बघौली निवासी 25 वर्षीय अंकित सिंह के रूप में हुई है, जो गोरखपुर जनपद के कैंपियरगंज थाने में तैनात था। गाजीपुर सर्किल के एसीपी अतुल पांडेय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अंकित विभागीय कार्य के सिलसिले में रविवार को गोरखपुर से लखनऊ आया था। यहां वह विकास नगर स्थित टाउन हॉल होटल के एक कमरे में ठहरा हुआ था। सोमवार को होटल के कर्मचारियों ने जब कमरे के भीतर उसका शव अचेत अवस्था में पड़ा देखा, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
कौन था साथ ठहरा साथी? पुलिस खंगाल रही होटल के रिकॉर्ड्स
होटल कर्मियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सिपाही अंकित अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ उसका एक साथी भी होटल में रुका हुआ था। हालांकि, वह साथी कौन था, उसका अंकित से क्या संबंध था और सिपाही की मौत के बाद वह अचानक कहां गायब हो गया—यह अब तक पहेली बना हुआ है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस होटल के रिसेप्शन पर दर्ज एंट्री रजिस्टर, आईडी प्रूफ और परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अंकित के रिश्ते के बहनोई दिग्विजय सिंह ने पुलिस अधिकारियों से इस संदिग्ध मौत की गहन जांच की मांग की है। परिजनों का साफ कहना है कि होटल के कमरे में साथ मौजूद साथी की पहचान कर उससे कड़ी पूछताछ की जाए, जिससे मौत की असली वजह सामने आ सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, सभी बिंदुओं पर तफ्तीश तेज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिपाही के साथ ठहरे संदिग्ध साथी की तलाश तेज कर दी गई है और उससे पूछताछ के बाद ही कई अहम कड़ियां जुड़ सकेंगी। पुलिस इस घटना की जांच आत्महत्या, विषाक्त पदार्थ या किसी अनहोनी के तमाम संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मौत के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा, जिससे विवेचना को ठोस दिशा मिलेगी।
घर का इकलौता चिराग था अंकित, परिवार में पसरा मातम
एसीपी अतुल पांडेय के अनुसार, अंकित सिंह वर्ष 2025 बैच का युवा सिपाही था। कुछ समय पहले ही उसके पिता का देहांत हो चुका था, जिसके बाद वह अपनी मां आशा देवी का एकमात्र सहारा था। अंकित अविवाहित था और घर का इकलौता बेटा होने के चलते परिवार की सारी उम्मीदें उसी पर टिकी थीं। इस असमय और रहस्यमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की ओर से मिलने वाली लिखित तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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