Tuesday , 15 September 2026

मिशन 2027: नीली जींस-शर्ट में कैंपस पहुंचे अखिलेश के ‘दूत’, Gen Z को साधने के लिए सपा का नया सियासी दांव; 6 महीने में नौकरी का बड़ा वादा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की छात्र और युवा राजनीति में समाजवादी पार्टी ने एक नया और आक्रामक प्रयोग शुरू किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सीधे निर्देश पर समाजवादी छात्र सभा ने प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में विशेष ‘छात्र नौजवान पड़ाव जागरूकता एवं सदस्यता अभियान’ का आगाज कर दिया है। पारंपरिक राजनीतिक पहनावे से इतर, नीली शर्ट और नीली जींस के मॉडर्न लुक में कैंपस पहुंच रहे छात्र सभा के कार्यकर्ता सीधे Gen Z (नई पीढ़ी) के युवाओं से वन-टू-वन संवाद स्थापित कर रहे हैं। सपा की यह रणनीति महज पर्ची काटने या मिस्ड कॉल देने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के गृह जनपद से लेकर उनकी विधानसभा सीट तक की पूरी कुंडली तैयार कर उन्हें सीधे जमीनी संगठन से जोड़ने की पुख्ता तैयारी है। रोजगार संकट, पेपर लीक, लगातार बढ़ती फीस और छात्रवृत्ति जैसे संवेदनशील मुद्दों को ढाल बनाकर सपा युवाओं के बीच अपनी पैठ गहरी करने में जुटी है।

मिस्ड कॉल वाला दिखावा नहीं, विधानसभा स्तर तक तैयार हो रहा युवाओं का नेटवर्क विश्वविद्यालयों के परिसरों में सपा कार्यकर्ता केवल औपचारिकता निभाने के लिए फॉर्म नहीं भरवा रहे, बल्कि वे छात्रों के साथ बैठकर लंबी चर्चाएं कर रहे हैं। इस सीधे संवाद के दौरान छात्रों की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि, उनके गृह जिले और संबंधित विधानसभा क्षेत्र का पूरा डिजिटल और जमीनी डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके गृह क्षेत्र की स्थानीय राजनीति से सीधे सक्रिय रूप से जोड़ना है। छात्र सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि वे अन्य राजनीतिक दलों की तरह केवल ‘मिस्ड कॉल’ करवाकर कागजी आंकड़ों का खेल नहीं कर रहे, बल्कि युवाओं से सीधा जुड़ाव स्थापित कर उन्हें एक जिम्मेदार और जवाबदेह संगठन का सक्रिय अंग बना रहे हैं।

पेपर लीक, बेरोजगारी और बेतहाशा फीस वृद्धि पर सरकार की घेराबंदी कैंपस के भीतर चल रही बहसों के केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक, आउटसोर्सिंग का बढ़ता चलन और शिक्षा का महंगा होना प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने मेहनती और मेधावी युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। संगठन का कहना है कि सरकार के छात्र हित से जुड़े सारे दावे और नीतियां पूरी तरह विफल साबित हो चुकी हैं और तथाकथित ‘डबल इंजन’ युवाओं के भविष्य के मामले में पूरी तरह ठप पड़ा है। इसके साथ ही, कॉलेजों में लगातार बढ़ाई जा रही फीस और समय पर छात्रवृत्ति न मिलने से सामान्य और गरीब परिवारों के छात्र भारी आर्थिक संकट और उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।

छात्रों से लिए जा रहे सुझाव, सत्ता में आते ही 6 महीने में बंपर भर्ती की गारंटी समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता परिसरों में सिर्फ अपनी बात नहीं रख रहे, बल्कि युवाओं से बाकायदा लिखित और मौखिक सुझाव भी मांग रहे हैं। छात्रों से पूछा जा रहा है कि यदि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो उच्च शिक्षा, रोजगार और छात्र कल्याण के क्षेत्र में कौन से क्रांतिकारी नीतिगत बदलाव किए जाने चाहिए। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के बीच भरोसा जताते हुए वादा किया कि सरकार बनते ही युवाओं के असंतोष और आक्रोश को खत्म करने के लिए महज 6 महीने के भीतर विभिन्न विभागों में बंपर भर्तियों का ऐलान किया जाएगा और युवाओं के सुरक्षित रोजगार की ठोस व्यवस्था की जाएगी।

कैंपस में छात्रों की मिलीजुली प्रतिक्रिया, सस्ती शिक्षा और पारदर्शी परीक्षा की मांग सपा के इस आक्रामक अभियान को लेकर छात्र परिसरों में भी सकारात्मक हलचल देखी जा रही है। अभियान के दौरान छात्रों ने खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रमुख राजनीतिक दलों का सीधे कॉलेजों में आकर युवाओं के असल दर्द को सुनना एक सराहनीय पहल है। कई विद्यार्थियों का मानना था कि विपक्ष के नेता के रूप में अखिलेश यादव युवाओं के संघर्ष को प्रमुखता से उठा सकते हैं। साथ ही, छात्रों ने जोर दिया कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राजनीतिक दलों को सस्ती शिक्षा, नियमित छात्रवृत्ति और पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल करना चाहिए।

 

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