
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्याकांड और उनके पति मानस वाजपेयी के खुदकुशी मामले में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद मानस द्वारा व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी के बीच मृतका की बहन और वरिष्ठ पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने चुप्पी तोड़ी है। प्रज्ञा ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और बेबाक पोस्ट साझा करते हुए मानस को ‘साइको हत्यारा’ करार दिया और शादी के बाद से दिव्या पर हुए अमानवीय अत्याचारों की दास्तां बयां की है।
सुहागरात पर ही बना दी थी खर्चों की 50-50 लिस्ट
प्रज्ञा मिश्रा ने अपनी पोस्ट में खुलासा किया कि मानस की सनक और प्रताड़ना का सिलसिला शादी की पहली ही रात से शुरू हो गया था। शादी की पहली रात मानस ने घर के खर्चों की एक लिस्ट तैयार की और दिव्या के सामने शर्त रखी कि उसे हर महीने आधा खर्च उठाना पड़ेगा। दिव्या ने शुरुआत में रिश्ते को निभाने के लिए इसे स्वीकार कर लिया था। हालांकि, बीते एक साल से जब उसने अपने हिस्से का खर्च देना बंद किया, तो मानस को लगने लगा कि उसके साथ धोखा हो रहा है और उसने दिव्या को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
ब्लिंकिट से खराब टमाटर आने पर भी करता था बेरहमी से पिटाई
प्रज्ञा ने मानस की हिंसक मानसिकता का जिक्र करते हुए बताया कि वह बेहद मामूली बातों पर दिव्या के साथ बर्बरता से मारपीट करता था। अगर ऑनलाइन ऐप ब्लिंकिट से मंगाया गया कोई टमाटर भी सड़ा या खराब निकल जाता, तो वह दिव्या पर टूट पड़ता और कहता कि ‘तूने सही से ऑर्डर क्यों नहीं किया’। इसके अलावा पोस्ट में यह संगीन आरोप भी लगाया गया है कि मानस और उसकी बहन तुलिका ने मिलकर अपनी बीमार मां के साथ भी इस कदर मारपीट की थी, जिससे बाद में उनका निधन हो गया था।
पीछा करने की सनक, एक्सीडेंट का दर्द और तीज का अधूरा व्रत
फेसबुक पोस्ट के अनुसार, मानस के अत्यधिक वहम और लगातार पीछा करने की आदत से दिव्या भारी मानसिक तनाव में रहने लगी थी। इसी तनाव और खौफ के चलते कुछ समय पहले दिव्या का गंभीर एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उसके दोनों हाथ और पैर टूट गए थे। करीब दो महीने के लंबे इलाज के बाद दिव्या ने हाल ही में लंगड़ाकर चलना शुरू किया था और घटना के दिन भी वह असहनीय दर्द में थी। इसके बावजूद दिव्या अपने वैवाहिक रिश्ते को बचाने की हर मुमकिन कोशिश कर रही थी। उसने अपने हाथ पर बने मानस के नाम के टैटू को भी नहीं मिटाया था और वह आगामी हरतालिका तीज का व्रत रखने की तैयारियां कर रही थी।
बीमार मां को अब तक नहीं दी गई बेटी की मौत की खबर
इस दर्दनाक वारदात के बाद पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। दिव्या की बुजुर्ग और बीमार मां को अब तक अपनी बेटी की हत्या की जानकारी नहीं दी गई है। परिवार ने उन्हें केवल इतना बताया है कि दिव्या अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, ताकि सदमे से उनकी तबीयत और न बिगड़ जाए।
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