Thursday , 30 July 2026

हैदराबाद SVPNPA ट्रेनी IPS यौन उत्पीड़न मामला: आरोपी उदय कृष्णा रेड्डी पर जुड़े रेप और हत्या की कोशिश के आरोप, मेडिकल जांच में मिले…

हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी (SVPNPA) से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे ट्रेनी आईपीएस अधिकारी उदय कृष्णा रेड्डी पर एक महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी के यौन उत्पीड़न और गंभीर मारपीट का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में शिकंजा कसते हुए आरोपी अधिकारी के खिलाफ अब बलात्कार (रेप) और हत्या की कोशिश जैसी बेहद गंभीर धाराएं भी जोड़ दी हैं। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

11 दिन पहले दर्ज हुई थी शिकायत, अब जुड़ीं गंभीर धाराएं

यह पूरा मामला करीब 11 दिन पहले तब सामने आया जब 30 वर्षीय महिला आईपीएस ट्रेनी ने अत्तापुर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने 33 वर्षीय ट्रेनी आईपीएस अधिकारी उदय कृष्णा रेड्डी पर यौन उत्पीड़न, चाकू की नोक पर धमकाने और उनकी प्राइवेसी के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।

शुरुआती दौर में पुलिस ने इस मामले में छेड़छाड़, पीछा करने, वॉयूरिज्म (ताक-झांक), शारीरिक हमला और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि, जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी और साक्ष्य सामने आए, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत इसमें धारा 64(1) (बलात्कार), धारा 109 (हत्या की कोशिश) और धारा 63(b)(iii) जैसी अति गंभीर धाराएं और जोड़ दीं।

मेडिकल जांच में मिले चोट के निशान, कोर्ट ने भेजा जेल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित महिला आईपीएस अधिकारी की मेडिकल जांच में कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं जो उनके आरोपों को पुख्ता करते हैं। मेडिकल रिपोर्ट में महिला अधिकारी की गर्दन पर गला दबाए जाने जैसे स्पष्ट निशान और पैर की पिंडली पर गंभीर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस ने मंगलवार रात को कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को अरामगढ़ चौराहे के पास से हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण उस्मानिया जनरल अस्पताल में कराया गया। बुधवार को जब आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, तो बचाव पक्ष के वकीलों ने न्यायिक हिरासत का विरोध किया, जबकि अभियोजन पक्ष ने पुलिस जांच को आगे बढ़ाने के लिए कस्टडी की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उसे हैदराबाद की चंचलगुडा केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।

इंस्टाग्राम से हुई थी शुरुआत, बाद में बढ़ा विवाद

राजेंद्रनगर के डीसीपी एस. श्रीनिवास ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी और पीड़िता की पहचान साल 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। महिला अधिकारी ने आरोपी के आईपीएस बनने के सफर से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ था।

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि समय बीतने के साथ दोनों के बीच संबंधों में खटास और विवाद बढ़ने लगे थे। आरोपी पर कथित तौर पर भावनात्मक दबाव बनाने, आत्महत्या की धमकी देने, हथियार दिखाकर डराने, अपमानित करने और अनुचित दबाव डालने के गंभीर आरोप हैं। इन सबसे परेशान होकर महिला अधिकारी ने यह रिश्ता पूरी तरह खत्म कर लिया था और बाद में किसी अन्य व्यक्ति से विवाह कर लिया था। फिलहाल, पुलिस और जांच एजेंसियां मेडिकल रिपोर्ट्स, बयानों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से छानबीन कर रही हैं।

Check Also

E20 पेट्रोल से घटेगा माइलेज या खराब होगा इंजन? संसद में नितिन गडकरी ने दिया यह बड़ा जवाब

नई दिल्ली । देश भर में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण यानी E20 फ्यूल …