रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के लिए आज का दिन (18 फरवरी) बेहद भारी रहा। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से आत्महत्या की तीन हृदयविदारक घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पूरे प्रशासन और जनता के बीच हड़कंप मच गया है। मरने वालों में एक 12वीं का छात्र, एक गर्भवती महिला और एक युवक शामिल है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है।
केस 1: मिलक खानम में 12वीं के छात्र ने लगाया फंदा
पहली झकझोर देने वाली घटना कोतवाली मिलक खानम क्षेत्र के बमना गांव की है। यहाँ 17 वर्षीय समीर अहमद, जो कि 12वीं कक्षा का छात्र था, अपने ही कमरे में पंखे के कुंडे से लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने जब समीर को फंदे पर झूलता देखा तो कोहराम मच गया। छात्र ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस समीर के दोस्तों और परिजनों से पूछताछ कर रही है।
केस 2: अजीमनगर के बाग में लटका मिला युवक का शव
दूसरी वारदात थाना अजीमनगर क्षेत्र की है। यहाँ के एक आम के बाग में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ देखा। मृतक की पहचान गुड्डू के रूप में हुई है। युवक ने बाग में जाकर फांसी क्यों लगाई, पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, मामला प्रेम प्रसंग या मानसिक तनाव से जुड़ा हो सकता है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
केस 3: स्वार में गर्भवती महिला की मौत, मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप
सबसे विवादित मामला कोतवाली स्वार क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ चार महीने की गर्भवती मुमताज का शव उसके कमरे में पंखे से लटका मिला। मुमताज की मौत की खबर मिलते ही उसके मायके वाले मौके पर पहुँच गए और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का दावा है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव लटकाया गया है। पुलिस ने विवाहिता के ससुराल वालों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एक ही दिन में हुई इन तीन बड़ी घटनाओं ने जिले की कानून व्यवस्था और सामाजिक स्थिति पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुराग सिंह ने बताया कि पुलिस तीनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है।
“तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह और समय का पता चलेगा। तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” – अनुराग सिंह, ASP रामपुर
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