Monday , 27 July 2026

झांसी में ‘सुपारी किलिंग’ का खौफनाक ट्रेंड: पैसा दो और हत्या करवा लो; मेड किचन मर्डर केस में मुठभेड़ के बाद दो दबोचे गए

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में अपराध का एक बेहद खतरनाक और चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है— ‘पैसा लाओ और किसी की भी हत्या करवा लो’। बेखौफ घूम रहे सुपारी किलर्स पैसे लेकर किसी की भी जान लेने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। हालांकि झांसी पुलिस ने नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित मेड किचन रेस्टोरेंट के पास हुई बहुचर्चित संजय सिंह हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मुठभेड़ के दौरान दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में दोनों अभियुक्त गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस ने इनके पास से हत्या में इस्तेमाल कार, अवैध असलहे और कारतूस बरामद किए हैं।

ऐसे हुआ मर्डर मिस्ट्री का भंडाफोड़: एनकाउंटर में पकड़ाए शूटर

मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति के सख्त निर्देशों के तहत नवाबाद थाना क्षेत्र के डमरू सिनेमा के पास स्थित मेड किचन रेस्टोरेंट के पास हुई संजय सिंह (निवासी ग्राम हैवतपुरा, गरौठा) की हत्या की जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। इस टीम में नवाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव और स्वॉट टीम प्रभारी विनय दिवाकर शामिल थे।

बीती रात पुलिस टीम को सटीक सूचना मिली कि करगुवा जी सालासर सिटी से न्यू पुलिस लाइन जाने वाले कच्चे रास्ते पर भैसासुर बब्बा मंदिर के पास एक संदिग्ध ऑरा कार खड़ी है, जिसमें हत्या के आरोपी सवार हैं। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों से दो अभियुक्त घायल होकर गिर पड़े, जिन्हें पुलिस ने तुरंत दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान अजीम सैफी उर्फ भीम (निवासी सिद्धेश्वर नगर आईटीआई कॉलोनी, सीपरी बाजार) और धर्मेन्द्र सिंह परिहार (निवासी ग्राम परवई, रक्सा) के रूप में हुई है। इनके पास से दो 315 बोर तमंचे, खोखा व जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त ऑरा कार बरामद हुई है।

आखिर क्यों रची गई संजय सिंह की हत्या की साजिश?

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने मर्डर के पीछे की चौंकाने वाली वजह का खुलासा किया। मृतक संजय सिंह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। इसी कारोबार से जुड़े अजय यादव और धर्मेन्द्र सिंह परिहार से उसकी पुरानी रंजिश चल रही थी। पाल कॉलोनी स्थित एक कीमती जमीन को लेकर संजय सिंह और अजय यादव के बीच लंबे समय से विवाद था। संजय ने अजय के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा भी दर्ज कराने का प्रयास किया था।

इसके अलावा, धर्मेन्द्र सिंह परिहार के शिवानी होटल के पीछे स्थित एक प्लॉट पर कब्जे को लेकर भी विवाद था, जहां संजय सिंह ने कथित तौर पर धर्मेंद्र को कमरे में बंद कर मारपीट की थी। इसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए अजय यादव और धर्मेन्द्र सिंह परिहार ने संजय सिंह को रास्ते से हटाने का मन बनाया और जितेन्द्र यादव उर्फ जीतू, हुसैन उर्फ खड्ड और अजीम उर्फ शेफी को हत्या की सुपारी दे दी। इस काम के लिए 50 हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे।

रेकी कर सटाकर मारी थी गोली, दहशत में इलाका

पूछताछ में सामने आया कि 23 जुलाई की रात लगभग 8:30 बजे अजय और धर्मेंद्र से लोकेशन मिलते ही शूटर जीतू, हुसैन और अजीम मेड किचन रेस्टोरेंट के पास पहुंचे। उन्होंने संजय सिंह की बाकायदा रेकी की। जैसे ही संजय रेस्टोरेंट के अंदर खाना खा रहा था, शूटर हुसैन उर्फ खड्ड ने उसके पास पहुंचकर सिर में बेहद करीब से पिस्टल सटाकर गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

फिलहाल पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है और इस साजिश में शामिल बाकी फरार अभियुक्तों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

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