Tuesday , 21 April 2026

यूपी में ‘नारी शक्ति’ का शंखनाद: सीएम योगी ने संभाली पदयात्रा की कमान, विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया, जब आधी आबादी के हक की लड़ाई लड़ने के लिए खुद सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ सड़कों पर उतर आए। महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में मचे घमासान और विपक्ष के कड़े विरोध के बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ का नेतृत्व किया। यह पदयात्रा केवल एक मार्च नहीं, बल्कि विपक्ष के उन दांव-पेंचों के खिलाफ एक खुली चुनौती थी, जिसने महिला आरक्षण की राह में रोड़े अटकाए हैं।

सीएम आवास से विधान भवन तक केसरिया सैलाब

राजधानी की सड़कों पर आज सुबह से ही गहमागहमी का माहौल था। मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) से शुरू हुई इस आक्रोश रैली में सीएम योगी के साथ दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी कदम से कदम मिलाकर चलते दिखे। साथ ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी भी इस शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा बने। भारी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि आधी आबादी अब अपने राजनीतिक अधिकारों को लेकर किसी भी समझौते के मूड में नहीं है।

विपक्ष पर बरसे योगी: बताया ‘महिला विरोधी’ चेहरा

पदयात्रा के समापन पर विधान भवन के सामने जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस और सपा का चरित्र हमेशा से अलोकतांत्रिक रहा है। योगी ने कहा, “इनका चेहरा और कृत्य दोनों ही महिला विरोधी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इन्हें अपनी छवि सुधारने का मौका दिया था, लेकिन इन्होंने उसका भी दुरुपयोग किया। आज पूरा देश देख रहा है कि कैसे कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं के उत्थान में बाधा बन रहे हैं।”

देश में केवल चार जातियां: सीएम का बड़ा बयान

मुख्यमंत्री ने जातिगत राजनीति करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन में देश के अंदर केवल चार ही मुख्य जातियां हैं— महिला, गरीब, युवा और किसान। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार की सभी नीतियां इन्हीं चार स्तंभों पर केंद्रित हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी चाहते थे कि 2029 में महिला आरक्षण बिल पूरी तरह प्रभावी हो जाए, लेकिन विपक्ष के अड़ंगेबाजी ने उनकी मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। यह आक्रोश मार्च सपा, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके की महिला विरोधी नीतियों के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आगाज है।

विपक्ष मोदी विरोध में अंधा हो चुका है: पंकज चौधरी

इस दौरान यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल से किसी का नुकसान नहीं था, बल्कि इससे विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को उनकी वाजिब हिस्सेदारी मिलती। चौधरी ने आरोप लगाया कि विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में इतना अंधा हो चुका है कि उसे देश के हित में लिए गए फैसले भी खराब लगने लगे हैं। उन्होंने साफ किया कि 2029 से लागू होने वाले संशोधनों को लेकर विपक्ष का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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