Monday , 14 September 2026

BRICS Summit 2026: दिल्ली में ईरान और यूएई की ऐतिहासिक मुलाकात पर भड़के या बेपरवाह हुए ट्रंप? बोले- ‘मुझे फर्क नहीं पड़ता, जल्द खत्म होगा युद्ध’

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण भू-राजनीतिक तनाव और बारूद की गंध के बीच भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। नई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अचानक हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल मचा दी है। दशकों पुरानी कड़वाहट और अविश्वास को दरकिनार करते हुए दोनों नेताओं ने आपसी रिश्ते सुधारने और भविष्य की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों खाड़ी देशों की यह अप्रत्याशित नजदीकी ऐसे नाजुक वक्त में देखने को मिली है, जब 14 सितंबर को ओमान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) समझौते को लेकर खाड़ी देशों की बेहद संवेदनशील और निर्णायक बैठक प्रस्तावित है।

‘मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता’: ईरान-यूएई नजदीकी पर ट्रंप का बेपरवाह अंदाज

दिल्ली की धरती पर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बनी इस नई कूटनीतिक समझ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा और तीखा बयान सामने आया है। आयरिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने इस मुलाकात को पूरी तरह खारिज करने वाले अंदाज में कहा, “मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता (‘I don’t care’)। यह उन दोनों देशों पर निर्भर करता है और अगर वे मिल रहे हैं तो ठीक है।” हालांकि, इस कथित बेपरवाही के तुरंत बाद ट्रंप ने तेहरान के साथ जारी व्यापक सैन्य और भू-राजनीतिक संघर्ष के बहुत जल्द खत्म होने का चौंकाने वाला दावा भी ठोक दिया।

मिडटर्म से पहले जंग खत्म होने का दावा, पेट्रोल-गैसोलीन सस्ता होने का वादा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों के सामने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ चल रहा टकराव इसी साल बहुत जल्द समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने समयसीमा की ओर इशारा करते हुए कहा कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के तुरंत बाद या संभवतः उससे पहले ही यह युद्ध पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अपने जाने-पहचाने आर्थिक दांव को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने यह भी दावा किया कि युद्ध के थमते ही अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिलेगी और पेट्रोल तथा गैसोलीन की वैश्विक कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की जाएगी।

‘डील के लिए बार-बार फोन कर रहा है तेहरान, लेकिन कमजोर समझौते पर नहीं मानूंगा’

ईरान पर कड़ा कूटनीतिक दबाव बनाए रखने का दावा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान इस वक्त अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए बेताब है और लगातार वाशिंगटन से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप के शब्दों में, “ईरान किसी भी कीमत पर डील करना चाहता है और वे लगातार फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें समझना होगा कि समझौता सही, कड़ा और शर्तों पर आधारित होना चाहिए। मैं किसी भी कमजोर या ढीले-ढाले समझौते पर कभी राजी नहीं होने जा रहा।”

पेजेशकियन की दो टूक: पड़ोसियों से बैर नहीं, निशाना सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकाने

दूसरी तरफ, ब्रिक्स सम्मेलन में पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस पूरे विवाद पर तेहरान का रुख बेहद साफ शब्दों में रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का यूएई या अपने किसी भी खाड़ी पड़ोसी मुल्क के साथ कोई जमीनी विवाद या दुश्मनी नहीं है। पेजेशकियन ने कहा कि ईरान का सीधा और बुनियादी विरोध केवल पश्चिम एशिया के इलाके में स्थापित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और पश्चिमी दखलंदाजी को लेकर है।

ईरानी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स मंच का उपयोग करते हुए पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाइयों की पुरजोर निंदा की। इसी बीच, शिखर सम्मेलन के समापन पर जारी संयुक्त ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ में भी मिडिल ईस्ट के हालात पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने, सैन्य टकराव टालने और कूटनीतिक बातचीत के रास्ते पर लौटने का खुला आह्वान किया गया है।

 

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