
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून का रौद्र रूप अब जान-माल के लिए भारी आफत बनता जा रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और रिहायशी बस्तियों में जलप्रलय जैसे हालात हैं। उत्तराखंड में पहाड़ दरकने से केदारनाथ यात्रा को बीच में ही रोकना पड़ा है, जहां एक श्रद्धालु की मौत हो गई और करीब एक हजार तीर्थयात्री रास्ते में फंसे हुए हैं। वहीं बिहार के 14 जिलों में बाढ़ से 48 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी भारी बारिश और उफनते नदी-नालों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
उत्तराखंड: केदारनाथ में चट्टान गिरने से बुजुर्ग की मौत, भीमबली में फंसे 1000 यात्री
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलिपैड के समीप रविवार को अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें गिरने से 65 वर्षीय एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मार्ग पर जगह-जगह हुए भूस्खलन के चलते सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। भीमबली से केदारनाथ के बीच करीब 1,000 यात्री फंसे हैं। लगातार ठंड और बारिश के बीच कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ने की खबर है, जिन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत देने के लिए रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं।
बिहार: 14 जिलों के 2,360 गांवों में बाढ़ का तांडव, भागलपुर में फंसा रहा लग्जरी क्रूज
बिहार में नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। राज्य की 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं, जिससे 14 जिलों के 2,360 गांव बाढ़ के पानी में जलमग्न हैं। 48 लाख से अधिक लोग इस विभीषिका से सीधे प्रभावित हुए हैं। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कोलकाता से वाराणसी जा रहा अंतरराष्ट्रीय लग्जरी ‘राजमहल क्रूज’ भागलपुर में पिछले छह दिनों से फंसा रहा। रविवार को प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए क्रूज पर सवार 9 विदेशी नागरिकों समेत सभी 11 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
उत्तर प्रदेश: 26 जिलों में बाढ़, उन्नाव में छत पर जिंदगी और लखीमपुर में मगरमच्छ का हमला
उत्तर प्रदेश के 70 जिलों में मानसूनी बारिश का असर दिख रहा है, जिनमें से 26 जिले गंभीर बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 4 लाख की आबादी संकट का सामना कर रही है। फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा के उफान से 111 गांव जलमग्न हो चुके हैं। उन्नाव में गंगा खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जहां 30 से अधिक गांवों के सैकड़ों घरों में पानी भरने से लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। लखीमपुर खीरी से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां उफनाए नाले के पास गई एक महिला को मगरमच्छ खींच ले गया।
मध्य प्रदेश व राजस्थान: बंगाल की खाड़ी का सिस्टम एक्टिव, चंबल में डूबे पिता-पुत्र
मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में एक साथ तीन मानसूनी प्रणालियां सक्रिय हैं। भोपाल सहित कई जिलों में तेज बारिश जारी है। मुरैना में चंबल नदी के तेज बहाव में नहाते समय पिता-पुत्र डूब गए, जबकि बड़वानी में नदियां उफान पर होने से सेंधवा के कई तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं। टीकमगढ़ में भारी दबाव के बाद बान सुजारा बांध के 4 गेट खोलने पड़े। वहीं राजस्थान के 36 जिलों में मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। झालावाड़ और बांसवाड़ा में भारी वर्षा दर्ज की गई है और बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती दबाव का असर 16 सितंबर तक बने रहने की संभावना है।
हरियाणा व छत्तीसगढ़: हरियाणा में 17 सितंबर तक यलो अलर्ट, छत्तीसगढ़ में मानसून कमजोर
हरियाणा में मानसून की नई सक्रियता से 6 जिलों—करनाल, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद और यमुनानगर में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यहां 17 सितंबर तक मौसम खराब रहेगा। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में मानसून धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है, हालांकि बस्तर में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई। धमतरी के मॉडमसिल्ली बांध के तेज बहाव में बहे मामा-भांजे के शव रविवार को घटनास्थल से 100 मीटर दूर बरामद कर लिए गए।
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