
लखनऊ। अभी दो महीने पहले शुरू हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। रविवार देर रात बंथरा के पास एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से की छत से अचानक सीमेंट का भारी प्लास्टर भरभरा कर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। हादसे के बाद सुरक्षा के लिहाज से एलिवेटेड रोड पर वाहनों की आवाजाही को तुरंत रोक दिया गया। मौके पर पहुंची कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक और स्थानीय पुलिस की टीम ने ट्रैफिक को लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (पुराने हाईवे) की ओर डायवर्ट कराया।
सरिया दिखने से गुणवत्ता पर उठे सवाल, टोल पर लगी वाहनों की कतार
प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिरने के बाद एलिवेटेड पिलर और स्लैब के भीतर लगी लोहे की सरिया साफ नजर आने लगी है। प्लास्टर गिरने वाले स्थान पर आनन-फानन में बैरिकेडिंग कर दी गई है। बंथरा क्षेत्र में हुई इस घटना के चलते खांडेदेव टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और वाहन चालकों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। बरसात के मौसम में अब तक इस एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड और एलिवेटेड हिस्सों में सड़क धंसने के मामले सामने आ रहे थे, लेकिन इस तरह पक्के निर्माण से प्लास्टर गिरने की यह पहली घटना है।
महज दो महीने पहले हुआ था लोकार्पण, आईआईटी खड़गपुर कर रहा जांच
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण इसी साल 13 जुलाई 2026 को हुआ था। सफर को सुगम और समय की बचत के दावे के साथ शुरू हुए इस मेगा प्रोजेक्ट में महज दो महीनों के भीतर लगातार तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। इससे पहले बारिश के दौरान ग्रीनफील्ड हिस्से पर कई जगहों पर सड़क धंसने की शिकायतें आई थीं, जिसकी गंभीरता को देखते हुए सात अगस्त से ही आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टीम निर्माण गुणवत्ता की जांच कर रही है। अब एलिवेटेड सेक्शन से प्लास्टर गिरने की इस नई घटना ने कार्यदायी संस्था और निगरानी एजेंसियों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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