Thursday , 16 July 2026

अजमेर में पकड़ी गई बांग्लादेशी हसीना : अवैध रूप से पार की थी भारत की सीमा, क्रिश्चियनगंज के होटल पर सीआईडी का छापा, भेजी गई डिटेंशन सेंटर

अजमेर। अवैध घुसपैठ के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत राजस्थान की अजमेर पुलिस और सीआईडी जोन की टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाली एक संदिग्ध बांग्लादेशी युवती को धर दबोचा है। सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी युवती को क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र में स्थित एक नामी होटल से हिरासत में लिया। इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मच गया है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पकड़ी गई विदेशी महिला को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के तहत तत्काल प्रभाव से डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

ढाका की रहने वाली है मीम अख्तर, ब्यावर और जयपुर में भी काट चुकी है समय

जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) हर्षवर्धन अग्रवाल ने इस पूरी कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार की गई विदेशी युवती की पहचान मीम अख्तर के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बांग्लादेश के ढाका संभाग के अंतर्गत आने वाले किशोरगंज जिले के पांकुदिया थाना क्षेत्र स्थित चंडीपाशा पोस्ट ऑफिस, कोदालिया की निवासी है। उसके पिता का नाम अब्दुल सत्तार है। प्रारंभिक पूछताछ में युवती ने कुबूल किया है कि उसने बिना किसी वैध दस्तावेज, पासपोर्ट या वीजा के अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा लांघकर भारत की सरजमीं पर कदम रखा था।

काम की तलाश का बहाना या कोई गहरी साजिश? पुलिस खंगाल रही है रूट मैप

पकड़ी गई बांग्लादेशी युवती मीम अख्तर ने पूछताछ के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि वह अजमेर पहुंचने से ठीक एक दिन पहले तक जयपुर और ब्यावर में ठिकाना बनाए हुए थी। उसका दावा है कि वह भारत में केवल काम की तलाश में भटक रही थी और इसी सिलसिले में राजस्थान के अलग-अलग शहरों में रह रही थी। हालांकि, पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसके दावों पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर रही हैं। सुरक्षा बल इस बात की बारीकी से तफ्तीश कर रहे हैं कि उसने भारत में प्रवेश करने के लिए किस रास्ते (रूट) का इस्तेमाल किया और इस अवैध काम में सरहद के इस पार या उस पार किन लोगों ने उसकी मदद की थी।

संदिग्ध नेटवर्क और स्थानीय मददगारों की तलाश तेज, खुफिया एजेंसियां अलर्ट

एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल के मुताबिक, प्राथमिक जांच में अभी तक युवती के किसी बड़े राष्ट्रविरोधी संदिग्ध नेटवर्क या स्लीपर सेल से सीधे जुड़े होने के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। इसके बावजूद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीआईडी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम उसके भारत में बने तमाम संपर्कों, कॉल डिटेल्स और अन्य संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी हुई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अजमेर के होटल में उसे कमरा दिलाने में किस स्थानीय व्यक्ति ने भूमिका निभाई थी। फिलहाल अग्रिम कानूनी प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाते हुए उसे सुरक्षित डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया है।

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