Saturday , 15 August 2026

अलीगंज अग्निकांड: 15 मासूमों की मौत वाली विवादित बिल्डिंग पर टला फैसला, आज शाम 4 बजे LDA कोर्ट में होगा ‘आर-पार’

लखनऊ। अलीगंज के भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद विवादों के घेरे में आई अवैध कमर्शियल बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण पर आने वाला फैसला एक बार फिर टल गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की विहित प्राधिकारी अदालत में बुधवार को इस मामले पर अंतिम फैसला होना था, लेकिन ऐन वक्त पर भवन स्वामी की ओर से दाखिल की गई नई आपत्ति के बाद कोर्ट ने सुनवाई को आगे बढ़ा दिया। अब इस बेहद संवेदनशील और चर्चित मामले पर आज यानी गुरुवार (9 जुलाई) को शाम 4 बजे दोबारा सुनवाई होगी, जिसे इस प्रकरण की तीसरी और सबसे अहम सुनवाई माना जा रहा है।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट में दाखिल की विस्तृत आपत्ति

बुधवार को जैसे ही विहित प्राधिकारी अदालत में मामले की कार्यवाही शुरू हुई, भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता देवांश मेहरोत्रा ने एक विस्तृत कानूनी आपत्ति कोर्ट के सामने दाखिल कर दी। अधिवक्ता ने दलील दी कि उन्हें पूरे मामले में अपना पक्ष रखने के लिए कुछ और समय की आवश्यकता है। अदालत ने बचाव पक्ष की इस मांग को स्वीकार करते हुए सुनवाई को 9 जुलाई की शाम तक के लिए मुल्तवी कर दिया। आज होने वाली इस सुनवाई पर पूरे शहर के साथ-साथ शासन की भी पैनी नजर बनी हुई है।

आवासीय नक्शे पर तान दी 4 मंजिला व्यावसायिक इमारत

एलडीए की जांच रिपोर्ट में इस पूरी इमारत को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच के मुताबिक, सेक्टर-डी, अलीगंज स्थित इस 185 वर्गमीटर के भूखंड का साल 2014 में केवल एक ‘आवासीय भवन’ (Residential Building) के रूप में नक्शा पास कराया गया था। लेकिन मास्टर प्लान और स्वीकृत मानचित्र की शर्तों की धज्जियां उड़ाते हुए सेटबैक एरिया को पूरी तरह कवर कर लिया गया। इसके बाद बेसमेंट से लेकर तीसरी मंजिल तक धड़ल्ले से कमर्शियल कंस्ट्रक्शन कर दिया गया और पिछले 10 सालों से इस पूरी बिल्डिंग का अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।

15 बच्चों की मौत के बाद जागी व्यवस्था, आज आ सकता है अंतिम फैसला

मालूम हो कि बीती 22 जून को इसी अवैध इमारत में अचानक भीषण आग लग गई थी, जिसके बाद उचित वेंटिलेशन और सुरक्षा मानकों की कमी के चलते 15 मासूम बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद जब बिल्डिंग की वैधता, फायर एनओसी और निर्माण मानकों की जांच हुई, तो एलडीए के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में एलडीए ने अवैध निर्माण को ढहाने (सीलिंग और ध्वस्तीकरण) का नोटिस जारी किया था। आज शाम 4 बजे होने वाली कोर्ट की सुनवाई में यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि इस ‘मौत की इमारत’ पर एलडीए का बुलडोजर चलेगा या फिर भवन स्वामी को अदालत से कोई कानूनी राहत मिल पाएगी।

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