Tuesday , 15 September 2026

कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: ‘मर्डर को हार्ट अटैक कैसे दिखाएं?’, ससुर की जान लेने से पहले बहू शालू ने गूगल पर तलाशे थे खौफनाक तरीके; मोबाइल चैट ने खोले गहरे राज

कानपुर। कल्याणपुर क्षेत्र में हुए चर्चित करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हत्याकांड की मुख्य सूत्रधार बताई जा रही कारोबारी की बहू शालू मिनोचा की संलिप्तता को लेकर तकनीकी जांच में बेहद चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पुलिस दो नौकरों समेत आरोपी बहू को गिरफ्तार कर पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। अब फोरेंसिक व साइबर टीम की छानबीन में शालू के मोबाइल फोन से ऐसी सर्च हिस्ट्री और व्हाट्सएप चैट बरामद हुई हैं, जो सीधे तौर पर इस खौफनाक साजिश की कड़ियों को जोड़ती नजर आ रही हैं।

गूगल पर तलाशा मौत का ‘साइलेंट’ फॉर्मूला पुलिस अफसरों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने से कुछ दिन पहले शालू ने इंटरनेट पर बेहद आपत्तिजनक और चौंकाने वाली चीजें सर्च की थीं। उसने गूगल पर सर्च किया था कि किसी इंसान को इस तरह कैसे मारा जाए कि उसकी मौत कत्ल न लगकर कुदरती दिल का दौरा (हार्ट अटैक) या फिर खुदकुशी नजर आए। पुलिस इस डिजिटल सर्च हिस्ट्री को अदालत में बेहद पुख्ता और अहम सुराग मानकर केस डायरी का हिस्सा बना रही है। इसके साथ ही मोबाइल से बरामद चैट संदेशों से भी पूरी साजिश की रूपरेखा सामने आने के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच अभी जारी है।

पुराने नौकर को लाखों की सुपारी, बिगड़ा प्लान तो कर दिया कत्ल जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि आरोपी बहू ने घर के पुराने व विश्वासपात्र नौकर को इस काम के लिए लाखों रुपयों का प्रलोभन दिया था। योजना के तहत नौकर से कहा गया था कि वह विनीत की जान इस शातिराना अंदाज में ले कि किसी को कानों-कान खबर न हो और मामला सीधे तौर पर हार्ट अटैक का लगे। हालांकि, वारदात की रात हालात योजना के मुताबिक नहीं रहे। जब आरोपी नौकर विशाल और उसके साथी ने कारोबारी पर हमला करने की कोशिश की, तो विनीत ने उनका कड़ा विरोध किया। हाथापाई और बचाव की कोशिश में दोनों आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे गंभीर चोटें आने के कारण मौके पर ही उनकी जान चली गई।

खर्चों पर पाबंदी और घर में लगे तीसरी आंख के पहरे से थी बौखलाहट शुरुआती जांच में हत्या की मुख्य जड़ पारिवारिक कलह और पैसों के लेन-देन को लेकर पनपा विवाद बताया जा रहा है। जांच अधिकारियों के अनुसार, कारोबारी विनीत मिनोचा अपनी बहू शालू की फिजूलखर्ची पर सख्त नजर रखते थे और उसके कई बेहिसाब खर्चों पर खुले तौर पर आपत्ति जताते थे। ससुर को बहू की गतिविधियों पर गहरा संदेह होने लगा था, जिसके चलते उन्होंने अपने फ्लैट के अंदर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे। हर गतिविधि पर निगरानी और तीसरी आंख के कड़े पहरे से शालू बेहद खफा चल रही थी। पुलिस के मुताबिक, इसी आक्रोश और आर्थिक नियंत्रण से छुटकारा पाने की चाहत ने इस खौफनाक साजिश को जन्म दिया।

वारदात की रात पार्टी में झूमते रहे बेटा और बहू पुलिस की पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया है कि जिस वक्त कारोबारी के साथ यह खौफनाक वारदात हो रही थी, उस रात विनीत का बेटा और बहू एक निजी पार्टी में मौजूद थे। दोनों पार्टी में देर रात तक शराब और डांस का लुत्फ उठाते रहे और करीब तड़के तीन बजे घर लौटे। इसके कुछ ही देर बाद कारोबारी की मौत का मामला सामने आया, जिसे शुरुआत में सामान्य मौत दर्शाने की कोशिश की गई थी।

24 घंटे में खुला राज, अब डिजिटल साक्ष्यों से कोर्ट में कसेगा शिकंजा कमिश्नरेट पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस पेचीदा हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली थी। हिरासत में लिए गए आरोपी नौकर विशाल ने पूछताछ में शालू की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, इंटरनेट हिस्ट्री और मोबाइल चैट की फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश करने की तैयारी कर रही है। दूसरी तरफ, बचाव पक्ष के अधिवक्ता पुलिसिया थ्योरी पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि सारे इलेक्ट्रॉनिक सबूत वैज्ञानिक रूप से पुख्ता हैं और जल्द ही अदालत के समक्ष रखे जाएंगे।

 

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