Tuesday , 15 September 2026

लोकसभा चुनाव 2029: अभी से बड़ी तैयारी में चुनाव आयोग, जानिए देश में कुल कितनी EVM और कितने बढ़ेंगे पोलिंग स्टेशन?

देश में अगले आम चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग ने अपने मतदान ढांचे को बड़े स्तर पर मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई एक अहम जानकारी के जवाब में आयोग ने 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर कई महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं। प्राप्त विवरण के अनुसार, आगामी आम चुनाव में देश भर के पोलिंग स्टेशनों की संख्या में करीब 46 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। साथ ही वोटिंग मशीनों के नवीनीकरण और रखरखाव के लिए भी आयोग ने पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।

2029 में 15.38 लाख पोलिंग स्टेशनों पर मतदान कराने की तैयारी

चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी से स्पष्ट संकेत मिलता है कि देश के चुनावी बुनियादी ढांचे का दायरा काफी विस्तृत होने जा रहा है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान देश भर में कुल 10.52 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे। वहीं, 2029 के आम चुनाव को आयोग करीब 15.38 लाख पोलिंग स्टेशनों पर संपन्न कराने की योजना पर काम कर रहा है। यह पिछले चुनाव की तुलना में लगभग 4.86 लाख अधिक मतदान केंद्र होंगे, जो मतदाताओं की बढ़ती संख्या और सुगम मतदान प्रक्रिया के लिहाज से बेहद अहम कदम माना जा रहा है।

चुनाव आयोग के बेड़े में कितनी वोटिंग मशीनें उपलब्ध?

ईवीएम के मौजूदा स्टॉक का ब्योरा देते हुए चुनाव आयोग ने बताया कि इस समय उसके पास करीब 30.48 लाख बैलेट यूनिट (BU) और 21.92 लाख कंट्रोल यूनिट (CU) उपलब्ध हैं। आयोग के पास उपलब्ध मशीनों का यह आंकड़ा पिछले वर्षों के मुकाबले काफी अधिक है। साल 2019 के आम चुनाव के वक्त आयोग के स्टॉक में 14.88 लाख बैलेट यूनिट और 11.30 लाख कंट्रोल यूनिट मौजूद थीं। बीते कुछ वर्षों में लगातार किए गए विस्तार के चलते ईवीएम का कुल बेड़ा लगभग दोगुना हो चुका है।

पुरानी मशीनों की जगह आएंगी नई EVM, होगा वन-टू-वन रिप्लेसमेंट

आयोग ने स्पष्ट किया है कि 2029 के चुनाव से पूर्व लगभग 3.57 लाख बैलेट यूनिट और 1.25 लाख कंट्रोल यूनिट की नई खरीद की जाएगी। हालांकि, इस खरीद का उद्देश्य मशीनों की कुल संख्या में अनावश्यक इजाफा करना नहीं, बल्कि समय सीमा पूरी कर चुकी पुरानी मशीनों को हटाना है। जितनी नई यूनिट्स खरीदी जाएंगी, उतनी ही संख्या में पुरानी मशीनों को सेवा से रिटायर किया जाएगा। इस तरह आयोग ‘वन-टू-वन रिप्लेसमेंट’ नीति के तहत अपनी मतदान प्रणाली को आधुनिक और त्रुटिहीन बनाए रखेगा।

EVM और VVPAT की खरीद पर 486 करोड़ रुपये होंगे खर्च

2029 के आम चुनाव से पहले नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और वीवीपैट (VVPAT) की खरीद पर लगभग 486 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। वीवीपैट यूनिट चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता का प्रमुख आधार है। इसके जरिए वोट डालते समय मतदाता को एक पारदर्शी खिड़की के पीछे 7 सेकंड के लिए प्रिंटेड पर्ची दिखाई देती है, जिससे यह तस्दीक होती है कि उसका मत सही प्रत्याशी को गया है। इसके तुरंत बाद यह पर्ची स्वतः कटकर मशीन के सीलबंद बॉक्स में सुरक्षित गिर जाती है।

 

Check Also

मिशन 2027: नीली जींस-शर्ट में कैंपस पहुंचे अखिलेश के ‘दूत’, Gen Z को साधने के लिए सपा का नया सियासी दांव; 6 महीने में नौकरी का बड़ा वादा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की छात्र और युवा राजनीति में समाजवादी पार्टी ने एक नया और …