Tuesday , 15 September 2026

आजम खां की मुश्किलें और बढ़ीं: जौहर ट्रस्ट पर कसेगा आयकर का शिकंजा, 500 करोड़ से अधिक वसूली की तैयारी; ईडी भी करेगा इमारतें जब्त

लखनऊ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां तथा उनके परिवार से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट पर जांच एजेंसियों का चौतरफा शिकंजा कसता जा रहा है। आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा ट्रस्ट का पंजीकरण पहले ही रद्द किए जाने के बाद अब भारी-भरकम जुर्माने और टैक्स वसूली की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। मामले को अंतिम निस्तारण और आदेश के लिए नई दिल्ली स्थित केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) मुख्यालय भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा सकती है, जिसका मुख्य आधार जांच में सामने आई करीब 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय है।

वित्तीय अनियमतताओं और फर्जीवाड़े के चलते रद्द हुआ था पंजीकरण राजधानी लखनऊ स्थित आयकर कार्यालय ने जांच के उपरांत जौहर ट्रस्ट का 12A व अन्य संबंधित कानूनी रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया था। जांच में सामने आया कि ट्रस्ट के संचालन में बड़े पैमाने पर वित्तीय नियमों की अनदेखी की गई, जाली दस्तावेज बनाकर फर्जी ट्रस्टी जोड़े गए और संदिग्ध स्रोतों से चंदा जुटाया गया। इसके अतिरिक्त, सबसे गंभीर आरोप यह साबित हुआ कि सरकारी विभागों की जनहितकारी योजनाओं के फंड का दुरुपयोग कर जौहर यूनिवर्सिटी की निजी इमारतों का निर्माण कराया गया। विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी कर साक्ष्य पेश करने के अवसर दिए गए, लेकिन ट्रस्ट प्रबंधन कोई ठोस एवं वैध प्रमाण पेश करने में विफल रहा।

अघोषित आय पर 30 फीसदी जुर्माना और ब्याज की वसूली तय पंजीकरण रद्द होने के बाद ट्रस्ट को पूर्व में मिलने वाली सभी कर छूटें समाप्त हो चुकी हैं। अब विभाग इस पूरे मामले में पकड़ी गई 450 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति पर 30 प्रतिशत की दर से जुर्माना, कर और ब्याज जोड़कर 500 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी का नोटिस जारी करने की तैयारी में है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश शासन भी अपने स्तर पर उन सरकारी योजनाओं के धन की वसूली की विधिक प्रक्रिया शुरू कर सकता है, जिनका अनाधिकृत उपयोग विश्वविद्यालय परिसर की संरचनाओं को खड़ा करने में किया गया था।

ईडी का भी कड़ा एक्शन: यूनिवर्सिटी की इमारतें होंगी अटैच, संपत्तियां रडार पर दूसरी तरफ, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जौहर ट्रस्ट और आजम खां के करीबियों पर लगातार दबाव बनाए हुए है। पूर्व में मारे गए छापों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों को लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय में तलब कर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की मानें तो ईडी जल्द ही जौहर यूनिवर्सिटी के उन विशिष्ट भवनों और संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट (जब्ती) के दायरे में लाएगा, जिनके निर्माण में सरकारी राजस्व खपाया गया था। साथ ही, आजम खां और उनके पारिवारिक सदस्यों की अन्य बेनामी व घोषित चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा भी खंगाला जा रहा है ताकि आगे की कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जा सके।

 

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