
नई दिल्ली : देश से विदाई की तैयारी कर रहे दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने जाते-जाते एक बार फिर अपनी चाल बदल ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय हो गया है। इस नए मौसमी तंत्र के चलते मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया में देरी होने के पूरे आसार बन गए हैं। इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तमाम राज्यों में झमाझम बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी दिल्ली में बूंदाबांदी, कल मध्यम बारिश का अनुमान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में कल यानी 12 सितंबर को मौसम अधिक सक्रिय रहेगा और मध्यम स्तर की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद 13 से 16 सितंबर के बीच बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश का दौर बना रहेगा, जिससे तापमान में नरमी बनी रहेगी।
यूपी के 20 से ज्यादा जिलों में येलो अलर्ट, बिहार-झारखंड में आंधी-तूफान की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में मॉनसूनी बादलों की सक्रियता बढ़ने से मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के पूर्वांचल और तराई बेल्ट से जुड़े प्रमुख जिलों वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, प्रतापगढ़, अयोध्या, अंबेडकरनगर, संत कबीर नगर, कुशीनगर और सोनभद्र में मेघगर्जन के साथ बौछारें पड़ने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, बिहार के 23 जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है, जबकि झारखंड के चार संवेदनशील जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य भारत और पश्चिम के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर
राजस्थान के कई हिस्सों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 13 सितंबर तक तथा पूर्वी संभाग में 12 सितंबर तक तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। छत्तीसगढ़ में आज भारी से अत्यंत भारी बारिश का संकट गहराया हुआ है, जहां 14 सितंबर तक व्यापक वर्षा के आसार हैं। पश्चिमी भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 16 सितंबर तक झमाझम बारिश होगी, वहीं महाराष्ट्र और गुजरात के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश को देखते हुए अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वोत्तर में आफत की बारिश, ओडिशा में अत्यंत भारी वर्षा की आशंका
पूर्वी भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 सितंबर तक व्यापक मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। बंगाल की खाड़ी के पास स्थित ओडिशा में आज कुछ इलाकों में अत्यंत भारी वर्षा होने की आशंका है, जबकि राज्यभर में 12 सितंबर तक भारी बारिश जारी रह सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 16 सितंबर तक मूसलाधार बारिश की संभावना है। इसके अलावा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 सितंबर तक मौसम बिगड़ा रहेगा। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल के विभिन्न हिस्सों में भी भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है।
पहाड़ों पर खतरा: उत्तराखंड और हिमाचल में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का साया
पहाड़ी राज्यों में मौसमी गतिविधियां तेज होने से भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड में आज से लेकर 14 सितंबर तक बिजली गिरने और भारी से बहुत भारी बारिश का दौर चलने की प्रबल संभावना है। उधर, हिमाचल प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में आंधी-तूफान के साथ जोरदार बरसात को लेकर चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को नदी तटों तथा संवेदनशील ढलानों वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है।
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