
मुंबई/नवी मुंबई ब्यूरो: महाराष्ट्र में कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित दही हांडी उत्सव के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। नवी मुंबई के ऐरोली इलाके में हांडी फोड़ने के दौरान संतुलन बिगड़ने से मानव पिरामिड (मानव मनोरा) भरभराकर गिर पड़ा। इस हादसे में 34 वर्षीय गोविंदा स्वप्निल सदानंद नावर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) और सरकारी अस्पतालों से मिले आंकड़ों के अनुसार, मुंबई और उपनगरीय इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर मानव पिरामिड से गिरकर अब तक कुल 376 गोविंदा घायल हो चुके हैं।
ऐरोली में संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा, घणसोली में पसरा सन्नाटा
घटना शनिवार रात करीब 8:30 बजे ऐरोली स्थित देवीदास सौगुले दही हांडी मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान घटी। घणसोली गांव के कोलीवाड़ा निवासी 34 वर्षीय स्वप्निल सदानंद नावर गोविंदा पथक के साथ दही हांडी फोड़ने के लिए मानव पिरामिड के ऊपरी स्तरों पर संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच पिरामिड का संतुलन अचानक बिगड़ गया और सभी गोविंदा एक-दूसरे के ऊपर तेजी से गिर पड़े। नीचे गिरने के कारण स्वप्निल के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर अचेत हो गए। मौके पर मौजूद लोग उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्वप्निल की असमय मौत से पूरे घणसोली क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
रबाले पुलिस ने दर्ज किया आकस्मिक मृत्यु का मामला
हादसे की सूचना मिलते ही रबाले पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का मुआयना कर पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रबाले पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा मानकों, गद्दों और सुरक्षा जाली (सेफ्टी नेट) के उपयोग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
मुंबई में 376 गोविंदा घायल, अस्पतालों में रातभर चला इलाज
दही हांडी के दौरान ऊंची हांडी फोड़ने की होड़ में मुंबई भर में सैकड़ों गोविंदा चोटिल हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, महानगर के विभिन्न सरकारी और नगर निगम संचालित अस्पतालों में कुल 376 घायल गोविंदाओं को लाया गया। इनमें से 286 गोविंदाओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 53 गंभीर रूप से घायल गोविंदाओं को भर्ती कराया गया है और 37 का विभिन्न वार्डों में सघन इलाज जारी है।
अस्पतालों का संभागवार आंकड़ा:
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सेंट्रल मुंबई (CT): कुल 183 घायल पहुंचे, जिनमें से 29 को भर्ती किया गया, 23 का इलाज जारी है और 131 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
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ईस्टर्न सबर्ब्स (ES): कुल 62 घायल पहुंचे, जिनमें 11 भर्ती हुए और 51 को छुट्टी दे दी गई।
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वेस्टर्न सबर्ब्स (WS): कुल 126 घायल पहुंचे, जिनमें 9 भर्ती किए गए, 14 का इलाज चल रहा है और 103 को डिस्चार्ज कर दिया गया।
केईएम और नायर समेत प्रमुख अस्पतालों में भारी भीड़
घायलों में सबसे बड़ी तादाद परेल स्थित केईएम (KEM) अस्पताल, सायन अस्पताल, नायर अस्पताल, राजावाड़ी अस्पताल, बीडीबीए अस्पताल, एचबीटी ट्रॉमा और वी. देसाई अस्पताल में दर्ज की गई। अकेले केईएम अस्पताल में 76 घायल गोविंदाओं को लाया गया, जिनमें से 58 को छुट्टी मिल गई जबकि 18 अब भी भर्ती हैं। वहीं, नायर अस्पताल में 32 घायल पहुंचे, जिनमें से 29 को डिस्चार्ज किया जा चुका है और 3 का इलाज जारी है। कई गोविंदाओं को फ्रैक्चर, रीढ़ की हड्डी में चोट और आंतरिक रक्तस्राव की शिकायत के बाद न्यूरो व ऑर्थोपेडिक वार्ड में रखा गया है।
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