Monday , 7 September 2026

बिहार में बड़ा रेल हादसा टला: आरा स्टेशन के पास महानंदा एक्सप्रेस का इंजन और 2 डिब्बे पटरी से उतरे, यात्रियों में मची चीख-पुकार

आरा : पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय-दानापुर रेलखंड पर रविवार अहले सुबह एक बड़ा ट्रेन हादसा होते-होते बच गया। अलीपुरद्वार जंक्शन से नई दिल्ली जा रही गाड़ी संख्या 15483 ‘महानंदा एक्सप्रेस’ आरा रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करने के चंद पलों बाद ही पटरी से नीचे उतर गई। ट्रेन का इंजन और उससे सटे दो कोच बेपटरी हो गए। राहत भरी बात यह रही कि ट्रेन की गति अत्यंत धीमी होने के कारण किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है और सभी मुसाफिर सुरक्षित हैं।

प्लेटफॉर्म छोड़ते ही पश्चिमी गुमटी के पास हुई दुर्घटनाग्रस्त

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महानंदा एक्सप्रेस रविवार सुबह लगभग 4:10 से 4:12 बजे के बीच आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची थी। यहां निर्धारित ठहराव के बाद ट्रेन को मेन लाइन के जरिए नई दिल्ली की दिशा में आगे बढ़ना था। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ी, स्टेशन से महज 200 मीटर की दूरी पर पश्चिमी गुमटी (किलोमीटर संख्या 593/9ए) के पास अप लाइन पर अचानक झटके के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

SLR और H-1 कोच के उतरे पहिए, सो रहे यात्रियों में मची भगदड़

हादसे के दौरान ट्रेन के इंजन सहित उससे लगे एसएलआर (SLR) और वातानुकूलित प्रथम श्रेणी (H-1) कोच के पहिए ट्रैक से नीचे उतर गए। सुबह का वक्त होने के कारण अधिकांश यात्री अपनी सीटों पर सो रहे थे। अचानक तेज आवाज और तेज झटके के साथ ट्रेन के रुकने से बोगियों के भीतर अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। कई यात्री आनन-फानन में सामान छोड़कर बोगियों से बाहर निकल आए। बहरहाल, स्टेशन से निकलते ही हादसा होने के चलते रफ्तार काफी कम थी, जिससे एक बहुत बड़ा जानलेवा हादसा टल गया।

दानापुर रेल मंडल की टीम मौके पर, दिल्ली-हावड़ा रूट प्रभावित

हादसे की सूचना मिलते ही दानापुर रेल मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियरिंग विंग और दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई। अधिकारियों की मौजूदगी में बेपटरी हुए डिब्बों को पुनः ट्रैक पर लाने और मार्ग बहाली का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। इस अप्रत्याशित घटना के कारण दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेलखंड पर अप लाइन का परिचालन आंशिक रूप से बाधित हुआ, जिससे पीछे से आ रही कई मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर नियंत्रित कर चलाया गया।

सिग्नलिंग और प्वाइंट सिस्टम की हाई-लेवल जांच शुरू

रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत तकनीकी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रारंभिक पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि परिचालन के दौरान सिग्नल कथित रूप से मुख्य लाइन के बजाय सासाराम लाइन की ओर चला गया था। तकनीकी टीमें ट्रैक, इंटरलॉकिंग, सिग्नलिंग और प्वाइंट्स की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं कि यह मानवीय चूक थी या तकनीकी खराबी। रेल अधिकारियों का कहना है कि उच्चस्तरीय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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