
अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आज दोपहर तीन बजे मणिराम दास छावनी में आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर अंतिम मुहर लग सकती है। मंगलवार को ही चयन समिति ने ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपा था, जिस पर आज गहन मंथन के बाद नाम का ऐलान किया जा सकता है। मंदिर के प्रशासनिक संचालन को पेशेवर और सुदृढ़ बनाने के लिहाज से यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नियुक्ति समिति की रिपोर्ट और SIT जांच की प्रगति पर चर्चा
बैठक के एजेंडे में सबसे प्रमुख बिंदु मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन हेतु गठित नियुक्ति समिति की विस्तृत रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट पर चर्चा के बाद आगे की औपचारिक प्रक्रिया तय की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी व्यवस्थाओं और विभिन्न विवादों को लेकर चल रही विशेष जांच दल (SIT) की अद्यतन स्थिति भी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत गठित एसआईटी की मौजूदा जांच प्रगति से महासचिव ट्रस्ट के सदस्यों को अवगत कराएंगे।
ट्रस्ट डीड और नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव
प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए ट्रस्ट डीड और न्यास नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भी पटल पर रखा जाएगा। इस संशोधन के पारित होने से आने वाले समय में ट्रस्ट की संचालन प्रणाली में कई बड़े नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं। साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड आय-व्यय पत्रक (बैलेंस शीट) को मंजूरी देने की औपचारिक प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। बैठक में 22 जुलाई 2026 की बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के साथ-साथ 2 सितंबर की विशेष बैठक के निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा भी होगी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए बनेगी स्थानीय समन्वय समिति
मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं की चाक-चौबंद सुरक्षा के दृष्टिगत ट्रस्ट एक नई स्थानीय सुरक्षा समन्वय समिति के गठन की तैयारी में है। यह समिति महासचिव की अध्यक्षता में कार्य करेगी, जो स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगी। वहीं, ट्रस्ट के आधिकारिक प्रेस प्रवक्ता के चयन का विषय भी चर्चा में रहेगा, जिस पर जल्द फैसला संभव है।
प्रशासनिक पदों की स्थिति और अगली बैठक की रूपरेखा
गौरतलब है कि पिछली बैठक में ट्रस्ट के तहत सचिव और प्रवक्ता के नए पद सृजित किए गए थे। सचिव पद पर की गई नियुक्ति को इस बैठक में औपचारिक मंजूरी दी जाएगी, जबकि प्रवक्ता पद पर चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान प्रशासनिक ढांचे के अनुसार, कार्यवाहक महासचिव के पद पर कृष्ण मोहन की भूमिका यथावत बनी रह सकती है, क्योंकि नियमित एजेंडे में महासचिव या अन्य रिक्त सदस्यों के पदों पर सीधी चर्चा प्रस्तावित नहीं है। हालांकि, अध्यक्ष की विशेष अनुमति से अन्य जरूरी विषयों को भी चर्चा में शामिल किया जा सकता है। बैठक के समापन पर ट्रस्ट की आगामी कार्ययोजना और अगली बैठक की तिथि भी निर्धारित की जाएगी।
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