नई दिल्ली। मानसून की मूसलाधार बारिश ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के लोगों को तपती गर्मी से तो राहत दिला दी है, लेकिन इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। बदलते मौसम और हवा में नमी बढ़ने के कारण H1N1 स्वाइन फ्लू (Swine Flu) और सांस संबंधी अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
दिल्ली और नोएडा-गुरुग्राम के प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में सर्दी, खांसी, तेज बुखार, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ से पीड़ित मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इसे केवल सामान्य मौसमी फ्लू समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
क्यों बढ़ता है मानसून में H1N1 का प्रकोप?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान हवा में उमस और नमी (Humidity) का स्तर काफी बढ़ जाता है। यह नमी वायरस और बैक्टीरिया के तेजी से पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है।
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इम्युनिटी पर असर: मौसम में बार-बार होने वाले तापमान के उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर पड़ती है।
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ड्रॉपलेट्स से फैलाव: H1N1 एक संक्रामक सांस की बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली हवा की बूंदों (Respiratory Droplets) के जरिए फैलती है। मेट्रो, बस और बंद दफ्तरों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर यह वायरस तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
H1N1 और सांस के इंफेक्शन के प्रमुख लक्षण
यदि मानसून के इस मौसम में आपको या परिवार के किसी सदस्य को निम्नलिखित लक्षण महसूस हों, तो तुरंत सतर्क हो जाएं:
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100°F से अधिक तेज बुखार और कँपकँपी आना।
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सूखी खांसी, गले में तेज खराश और सांस की नली में सूजन।
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छाती में जकड़न, भारीपन या सांस लेने में परेशानी होना।
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अत्यधिक थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में जोड़ों का दर्द।
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सामान्य फ्लू के लक्षण जो 3 से 4 दिनों में भी ठीक न हों।
हाई-रिस्क ग्रुप ध्यान दें: बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और डायबिटीज, अस्थमा (Asthma) या हृदय रोग से पीड़ित क्रोनिक मरीजों के लिए यह वायरस बेहद घातक रूप ले सकता है।
स्वाइन फ्लू (H1N1) से बचाव के 4 अचूक उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
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मास्क का नियमित प्रयोग: मेट्रो, बस, बाजार या अस्पतालों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय मास्क जरूर पहनें।
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हाथों की स्वच्छता: बाहर से घर लौटने पर अपने हाथों को कम से कम 20 सेकेंड तक साबुन-पानी से धोएं या अल्कोहलिक सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
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फ्लू वैक्सीनेशन (Flu Vaccine): डॉक्टरों की सलाह पर सालाना इन्फ्लूएंजा/H1N1 का टीका जरूर लगवाएं।
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खुद से दवा न लें (No Self-Medication): बुखार या खांसी होने पर बिना डॉक्टर के परामर्श के एंटीबायोटिक्स या पेनकिलर गोलियों का सेवन बिल्कुल न करें।
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