Tuesday , 28 July 2026

पीओके में पाकिस्तानी सेना का कहर: रावलकोट में अंधाधुंध फायरिंग से 19 लोगों की मौत, इंटरनेट बंद और बिगड़े हालात

रावलकोट (पीओके)। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में स्थिति बेहद नाजुक और तनावपूर्ण बनी हुई है। अपनी बुनियादी और राजनीतिक मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे निहत्थे नागरिकों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर की गई अंधाधुंध गोलीबारी में 19 लोगों की मौत हो गई है। स्थानीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंसा भड़कने के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड कर दी हैं।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों ने बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलाईं। इस दर्दनाक घटना में मारे गए लोगों की एक सूची भी सामने आई है, जिसमें नईम बट, उस्मान नजीर, निसार अहमद, काशिफ याकूब, सरदार फिदा हुसैन, मुजम्मिल, बासित शाह, फहीम अफजल, कामरान मुश्ताक, ज़रगाम खलील, साकिब हनीफ, साकिब इशाक, एरियल असगर, उस्मान गुल, जाफिर पहलवान, निसार शाहीन, अली हुसैन, ख्वाजा अबरार लतीफ डार और कामरान हफीज शामिल हैं।

52 दिनों से ठप है कारोबार, आखिर क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें?

पिछले 52 दिनों से चल रहे इस बड़े जनआंदोलन के कारण इलाके में बाजार, व्यापारिक संस्थान और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ठप हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • राजनीतिक सुधार: स्थानीय विधानसभा में 12 आरक्षित सीटों की व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करना और स्थानीय लोगों को राजनीति में वाजिब प्रतिनिधित्व देना।

  • गिरफ्तारी पर रोक और रिहाई: आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को तुरंत और बिना शर्त रिहा करना।

  • पारदर्शी शासन और आर्थिक सुधार: बेहतर व पारदर्शी शासन व्यवस्था लागू करना और क्षेत्र में जारी गंभीर बिजली संकट व अन्य आर्थिक समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना।

मुजफ्फराबाद मार्च के अल्टीमेटम के बाद क्यों भड़की हिंसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) ने प्रशासन को 27 जुलाई दोपहर 1 बजे तक मांगों को स्वीकार करने और आधिकारिक अधिसूचना जारी करने का अल्टीमेटम दिया था। समिति ने साफ चेतावनी दी थी कि मांगें न माने जाने पर हजारों लोग रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक पैदल मार्च करेंगे।

तय सीमा बीत जाने के बाद जब प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो आक्रोशित लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और मुजफ्फराबाद की ओर मार्च शुरू कर दिया। इसी दौरान रावलकोट में सुरक्षाबलों और नागरिकों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद पाकिस्तानी बलों द्वारा गोलीबारी की गई और इलाके में भारी तनाव फैल गया।

Check Also

भोपाल में जन्मदिन के दिन 17 वर्षीय छात्रा ने हॉस्टल में की खुदकुशी: अलीराजपुर से आकर कर रही थी JEE की तैयारी, सुसाइड नोट बरामद

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद …