
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में रहने वाले मतदाताओं के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) यानी वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन की समय सीमा में बड़ा बदलाव किया है। चुनाव आयोग ने इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के अनुरोध पर यह फैसला लिया है। नए कार्यक्रम के तहत पूरी प्रक्रिया को 10 से 12 दिन आगे बढ़ा दिया गया है, ताकि मतदाताओं के विवरण का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) पूरी सटीकता और बिना किसी गलती के किया जा सके।
दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना में अब 8 अगस्त तक मौका
निर्वाचन आयोग के नए शेड्यूल के मुताबिक, दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना में अब बूथ लेवल अधिकारी (BLO) 29 जुलाई 2026 के बजाय 8 अगस्त 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। आयोग का मानना है कि इस अतिरिक्त समय से फील्ड वेरिफिकेशन का काम बेहतर तरीके से पूरा हो सकेगा। इसके साथ ही मतदान केंद्रों के पुनर्वर्गीकरण का काम भी इसी अवधि में निपटाया जाएगा।
जानिए कब आएगी ड्राफ्ट लिस्ट और कब तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
शेड्यूल में बदलाव के कारण अब इन चारों राज्यों (दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना) में प्रारंभिक मतदाता सूची यानी ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 17 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। अगर किसी मतदाता को सूची में अपना नाम जुड़वाना है, हटवाना है या किसी विवरण में सुधार करवाना है, तो वे 17 अगस्त से 16 सितंबर 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन सभी दावों के निस्तारण के बाद, अंतिम मतदाता सूची (फाइनल वोटर लिस्ट) का प्रकाशन 7 अक्टूबर के बजाय 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
हरियाणा और आंध्र प्रदेश के लिए भी जारी हुआ नया टाइम टेबल
चुनाव आयोग ने हरियाणा और आंध्र प्रदेश के लिए भी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का नया कार्यक्रम जारी किया है। इन दोनों राज्यों में भी पूरी प्रक्रिया की समय सीमा को 10 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। नए आदेश के तहत अब हरियाणा और आंध्र प्रदेश में बीएलओ 14 अगस्त के बजाय 24 अगस्त 2026 तक फील्ड वेरिफिकेशन का काम करेंगे।
हरियाणा-आंध्र प्रदेश में 3 अक्टूबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
वोटर लिस्ट में बदलाव के कारण अब हरियाणा और आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची का मसौदा (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) 21 जुलाई के बजाय 31 जुलाई 2026 को जारी किया जाएगा। इसके बाद दोनों राज्यों के नागरिक 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या सुधार के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद हरियाणा और आंध्र प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। चुनाव आयोग का स्पष्ट कहना है कि इस समय सीमा को बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं के विवरण का अधिक सटीक भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करना है, ताकि एक त्रुटिहीन वोटर लिस्ट तैयार की जा सके।
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