Wednesday , 24 June 2026

लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: जांच के लिए बनी 2 सदस्यीय हाई-लेवल SIT; जानें कौन हैं जांच करने वाले ये ‘सुपर कॉप’ और ‘IAS’ अधिकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का अलीगंज इलाका सोमवार को एक भयावह त्रासदी का गवाह बना, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। यहां के सेक्टर-डी स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी भीषण और रिहायशी इलाके को दहला देने वाली आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद मुख्यमंत्री आवास पर आधी रात को ही एक बेहद उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई गई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। शासन ने इस हाई-प्रोफाइल एसआईटी को महज 7 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का कड़ा निर्देश दिया है।

इन दो कड़क अधिकारियों को सौंपी गई जांच, जानें इनका पूरा प्रोफाइल

इस बेहद संवेदनशील मामले की तह तक जाने और दोषियों को बेनकाब करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे के दो सबसे भरोसेमंद और तेजतर्रार चेहरों को यह जिम्मेदारी सौंपी है:

1. कौन हैं आईएएस अमृत अभिजात? (अपर मुख्य सचिव, पर्यटन)

एसआईटी के पहले सदस्य 1995 बैच के वरिष्ठ यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात हैं। मूल रूप से बिहार के मुंगेर (जन्म: 21 जून 1968) के रहने वाले अमृत अभिजात ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित किरोड़ी मल कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की है। वे प्रशासनिक गलियारों में अपनी सूझबूझ और कड़क कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। अमृत अभिजात आगरा, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर और प्रयागराज जैसे बड़े और संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारी (DM) रह चुके हैं। उन्हें विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज महाकुंभ मेले की कमान भी सौंपी गई थी। इसके अलावा, वह प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार में रहते हुए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं।

2. कौन हैं आईपीएस प्रवीण कुमार? (एडीजी, लखनऊ जोन)

एसआईटी के दूसरे सदस्य 2001 बैच के वरिष्ठ और बेहद कड़क आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार हैं, जो वर्तमान में लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर तैनात हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के रहने वाले प्रवीण कुमार (जन्म: 26 जून 1972) के पिता का नाम शिव कुमार त्रिपाठी है। शैक्षणिक रूप से बेहद मजबूत प्रवीण कुमार ने इंजीनियरिंग (BE Honors) के साथ-साथ कानून की पढ़ाई (LLB और LLM) भी की है। वह यूपी पुलिस के उन गिने-चुने ‘सुपर कॉप्स’ में शामिल हैं, जिनकी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बड़े से बड़े पेचीदा मामलों को सुलझाने में महारत मानी जाती है।

सीएम योगी ने हाथरस-आगरा के दौरे समेत सभी कार्यक्रम किए रद्द, फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा

इस भयंकर अग्निकांड की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अलीगढ़ में चल रहा अपना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर सीधे लखनऊ लौट आए थे। उन्होंने देर रात ही घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) जाकर घायलों का हालचाल जाना। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी ने हाथरस और आगरा के अपने प्रस्तावित दौरों सहित मंगलवार के अपने सारे सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने सभी संगठनात्मक और राजनीतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं।

इधर, मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह सदस्यीय एक हाई-टेक टीम निदेशक आदर्श कुमार के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंच गई है। टीम ने मलबे से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं, और एसआईटी भी किसी भी वक्त ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर अपनी तफ्तीश शुरू कर सकती है।

‘यह रिहायशी इलाकों में टाइम बम जैसा है…’ फूटा स्थानीय निवासियों का गुस्सा

हादसे के अगले दिन मंगलवार को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित उषा मेहता मार्ग पर जली हुई गगनचुंबी इमारत को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस ने हालांकि पूरे इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा बढ़ा दी है और आवाजाही पर रोक लगा दी है। लेकिन इस बीच, स्थानीय जनता का प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिला।

रिहायशी क्षेत्रों में अवैध रूप से धड़ल्ले से चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर स्थानीय निवासी हेमंत श्रीवास्तव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘यह पूरी व्यवस्था एक ‘टाइम बम’ की तरह है। नियमों को ताक पर रखकर हमारे रिहायशी इलाकों में जो व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं, उसके परिणाम आज इतने भयावह रूप में सबके सामने हैं।’’ कई अन्य लोगों ने भी आरोप लगाया कि आसपास की दर्जनों इमारतों में फायर सेफ्टी (अग्नि सुरक्षा मानकों) का सरेआम उल्लंघन हो रहा है, लेकिन विभाग आंखें मूंदे बैठा है।

पीड़ितों को मरहम: मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले 15 निर्दोष लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा एलान करते हुए प्रत्येक मृतक के शोक संतप्त परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, इस दर्दनाक हादसे में झुलसे और घायल हुए लोगों के समुचित इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही है।

Check Also

राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: SIT ने 6 दिन की जांच के बाद सौंपी सीक्रेट रिपोर्ट, 8 करोड़ की हेराफेरी में कई कर्मचारियों पर FIR की तैयारी !

अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और चंदे में हुई करोड़ों …