Tuesday , 23 June 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सीएम योगी का महा-एक्शन, बदल गए दान गिनने के नियम; बिना जेब के कपड़ों में दिखेंगे कर्मचारी!

अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे में चोरी की खबरों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले दिन से ही जबरदस्त एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) जल्द ही अपनी अंतिम रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपने वाली है। लेकिन इस रिपोर्ट के आने से पहले ही, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर जमीनी स्तर पर बेहद बड़े और चौंकाने वाले बदलाव कर दिए गए हैं।

दान की गिनती करने वाले 50 पुराने कर्मचारी हटाए गए, अब ट्रस्ट की मौजूदगी में खुलेगा खजाना

रामलला के दरबार में आने वाले दान की हेराफेरी को रोकने के लिए ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने सबसे बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 50 पुराने कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। ये वो कर्मचारी थे जो रोजाना चढ़ावे के पैसों की गिनती करते थे। अब इस काम के लिए पूरी तरह से नए और चुनिंदा लोगों को नियुक्त किया गया है।

आपको बता दें कि राम मंदिर के चढ़ावे का सारा पैसा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अयोध्या शाखा में जमा होता है। इस मामले के सामने आने के बाद बैंक के स्तर पर भी बड़ा फेरबदल हुआ है। एसबीआई के संबंधित अधिकारियों और ऑडिट करने वाले स्टाफ को भी बदल दिया गया है। अब सबसे खास बात यह होगी कि जब भी पैसों की गिनती की जाएगी, वहां ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसके अलावा, एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए तैनात किए गए सभी कर्मचारियों और निगरानी के लिए पहले से नियुक्त ट्रस्ट के लोगों को भी हटाकर नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

बिना जेब वाले कपड़ों में काम करेंगे कर्मचारी, लागू हुआ नया ड्रेस कोड

चढ़ावे की रकम की सुरक्षा को लेकर इस बार सुरक्षा एजेंसियां और ट्रस्ट कितनी गंभीर हैं, इसका अंदाजा इस नए नियम से लगाया जा सकता है। अब राम मंदिर में कैश की गिनती करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए एक सख्त और नया ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। इस नए नियम के तहत, ड्यूटी के दौरान कर्मचारी जो कपड़े पहनेंगे, उनमें एक भी जेब (Pocket) नहीं होगी। बिना जेब वाले कपड़ों के इस नियम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति चाहकर भी एक सिक्का या नोट अपने साथ छिपाकर बाहर न ले जा सके।

अब 45 नहीं बल्कि 180 दिनों तक सुरक्षित रहेगा सीसीटीवी फुटेज, होगी वीडियोग्राफी

दान पेटी से निकलने वाले एक-एक पैसे का हिसाब रखने के लिए तकनीकी सुरक्षा को भी अभेद्य बना दिया गया है। राम मंदिर में दान की चोरी रोकने के लिए अब सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की समय सीमा को चार गुना बढ़ा दिया गया है। पहले जहां सीसीटीवी फुटेज का बैकअप सिर्फ 45 दिनों का होता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर सीधे 180 दिन (6 महीने) कर दिया गया है। इसके अलावा, जब भी दान पात्रों (Donation Boxes) से राशि निकाली जाएगी, उस पूरी प्रक्रिया की बकायदा हाई-डेफिनिशन कैमरों से वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

एक नहीं बल्कि दो तालों में बंद होकर बैंक जाएगा रामलला का चढ़ावा

चढ़ावे की रकम को बैंक तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए भी एक नायाब तरीका निकाला गया है। अब तक मंदिर से कैश को बैंक ले जाते समय सामान्य सुरक्षा अपनाई जाती थी, लेकिन अब जिस बॉक्स में कैश रखकर बैंक भेजा जाएगा, उसमें एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग चाबियों वाले लॉक (ताले) लगाए जाएंगे। इन दोनों तालों की चाबियां अलग-अलग अधिकारियों के पास होंगी। इस दोहरे सुरक्षा चक्र (Double Lock System) की वजह से रास्ते में पैसों के गायब होने या बॉक्स के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। सीएम योगी के इस कड़े रुख और ट्रस्ट के इन फैसलों से साफ है कि रामलला के खजाने में सेंध लगाने वालों की अब खैर नहीं है।

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