Tuesday , 23 June 2026

बंगाल में TMC नेताओं के ‘बुरे दिन’ शुरू: भ्रष्टाचार के आरोपी पूर्व चेयरमैन को पहनाई जूतों की माला, सड़क पर कराई उठक-बैठक; फेंके अंडे और टमाटर

हुगली (ताराकेश्वर): पश्चिम बंगाल में सत्ता के समीकरण बदलते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिग्गज नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब राज्य के कोने-कोने से नेताओं के खिलाफ जनता का भारी गुस्सा फूटने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में हुगली जिले के ताराकेश्वर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे टीएमसी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नगर पालिका चेयरमैन स्वपन सामंत (Sapan Samanta) को स्थानीय लोगों के भयंकर आक्रोश का सामना करना पड़ा। उग्र भीड़ ने न सिर्फ उन्हें बंधक बनाया, बल्कि सरेआम जूतों की माला पहनाकर सड़क पर परेड करा दी।

सड़क पर पकड़वाए कान, जमकर बरसे अंडे और टमाटर

यह हाई-वोल्टेज ड्रामा ताराकेश्वर के पद्मपुकुर इलाके में देखने को मिला। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि स्वपन सामंत ने चेयरमैन पद पर रहते हुए जमकर भ्रष्टाचार किया और जनता के हक के पैसों का गबन किया। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने उन्हें घेर लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि लोगों ने सामंत को जूतों की माला पहना दी। इसके बाद उन्हें पूरे इलाके में घुमाया गया। गुस्से से लाल जनता यहीं नहीं रुकी; प्रदर्शनकारियों ने टीएमसी नेता पर जमकर अंडे और टमाटर फेंके और उनसे बीच सड़क पर कान पकड़कर उठक-बैठक कराई। इस दौरान मौके पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा रही और लोग तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे।

चुनावी हार के बाद फूट रहा है जनता का गुस्सा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस आक्रोश की पटकथा हालिया चुनाव परिणामों के दौरान ही लिख दी गई थी। ताराकेश्वर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार संतु पां ने टीएमसी प्रत्याशी को करारी शिकस्त दी थी। भारी अंतर से हुई इस जीत ने साफ कर दिया था कि स्थानीय स्तर पर तृणमूल सरकार के खिलाफ कितनी गहरी नाराजगी है। सत्ता हाथ से जाते ही अब वही दबा हुआ गुस्सा सड़कों पर फूट रहा है, जिसकी जद में पार्टी के बड़े-बड़े पदाधिकारी आ रहे हैं।

जब ‘सिंघम’ के सामने ‘पुष्पा’ बने जहांगीर खान की भी निकली थी परेड

TMC नेताओं की सरेआम फजीहत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले फाल्टा इलाके से टीएमसी के चर्चित नेता जहांगीर खान को भी इसी तरह के सार्वजनिक अपमान का सामना करना पड़ा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस और जनता के सामने कई बार उनकी परेड कराई जा चुकी है, जहां वह हाथ जोड़कर और कान पकड़कर लोगों से रो-रोकर माफी मांगते नजर आए थे।

जहांगीर खान वही नेता हैं जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान यूपी के धाकड़ आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा से उलझ गए थे। अजय पाल शर्मा उस वक्त बंगाल चुनाव में ऑब्जर्वर के रूप में तैनात थे। तब जहांगीर खान का एक डॉयलाग सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था— “यह बंगाल है, अगर वह (अजय पाल शर्मा) सिंघम हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं, साला झुकेगा नहीं।” लेकिन सत्ता बदलते ही ‘पुष्पा’ बने जहांगीर खान के सारे तेवर ढीले पड़ गए और अंततः उन्हें री-पोलिंग से पहले अपना नाम तक वापस लेना पड़ गया था। फिलहाल, बंगाल में हो रही इन घटनाओं ने टीएमसी आलाकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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