Wednesday , 9 September 2026

मिडिल ईस्ट में बारूद का बवंडर: अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल दागना ईरान को पड़ा भारी, एक्शन में US फोर्स ने तबाह किए 5 तेल टैंकर; तेहरान ने दी नई धमकी

मध्य पूर्व में युद्ध के हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा टकराव अब सीधे सैन्य हमलों में तब्दील हो चुका है। ईरान की सेना द्वारा अमेरिकी नौसेना के वॉरशिप पर लगातार किए गए मिसाइल हमलों के बाद अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भीषण जवाबी कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाते हुए ईरान के तेल तस्करी नेटवर्क से जुड़े पांच बड़े कच्चे तेल टैंकरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है।

अमेरिकी युद्धपोत पर दो बार दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने पिछले 48 घंटों में अमेरिकी नौसेना के एक गाइडेड-मिसाइल युद्धपोत को निशाना बनाकर दो बार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने तत्परता दिखाते हुए दोनों ही हमलों को नाकाम कर दिया। अमेरिकी युद्धपोत मिसाइल हमलों से खुद को सुरक्षित बचाने में पूरी तरह सफल रहा और इलाके में अपना सैन्य अभियान जारी रखा। इस घटना में किसी भी अमेरिकी सैनिक को खरोंच तक नहीं आई।

ओमान की खाड़ी से खार्ग द्वीप तक अमेरिकी स्ट्राइक

अपने युद्धपोत पर हुए हमले के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने IRGC के गुप्त तेल नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जवाबी स्ट्राइक शुरू कर दी। अमेरिकी फोर्स ने ओमान की खाड़ी में एम/टी कविज़, एम/टी चारमीनार, एम/टी होराइजन 1 और एम/टी रीस्को नाम के जहाजों को निशाना बनाया। इसके साथ ही ईरान के रणनीतिक रूप से अहम खार्ग द्वीप के पास खड़े ‘एम/टी डेर्या’ नामक टैंकर पर भी सटीक स्ट्राइक की। अमेरिका ने साफ किया कि मिसाइल दागने से पहले जहाजों के चालक दल को बाहर निकलने की स्पष्ट चेतावनी दी गई थी। इसके बाद टैंकरों को इस तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया कि वे आगे कभी तैरने की स्थिति में न रहें।

ईरान के गुप्त फंडिंग नेटवर्क पर सीधा वार

CENTCOM ने दावा किया कि ईरान इन टैंकरों का उपयोग अरबों डॉलर के उस अवैध तेल तस्करी नेटवर्क के लिए करता है, जिसके जरिए IRGC और उसके सहयोगी चरमपंथी संगठनों को फंड मुहैया कराया जाता है। अमेरिकी कमांड ने यह भी कहा कि ईरान के पास इन जहाजों की रक्षा करने की कोई पुख्ता क्षमता नहीं है। इससे पहले 5 सितंबर को भी अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी तेल टैंकरों को इसी तरह नष्ट किया था, जब ईरान ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और मिसाइल विध्वंसक पोत पर हमला करने का दुस्साहस किया था।

ईरान ने दो जहाजों पर हमले की बात स्वीकारी, दी जवाबी कार्रवाई की धमकी

दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया ने स्वीकार किया है कि अमेरिका के ताजा हमलों में उनके दो जहाजों को नुकसान पहुंचा है। ईरानी मीडिया के मुताबिक जास्क और खार्ग द्वीप के नजदीक टैंकरों को निशाना बनाया गया, जहां से चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। इस भीषण सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, अपनी संपत्तियों को नुकसान पहुंचता देख ईरान ने अब कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास चलने वाले व्यापारिक तेल टैंकरों को निशाना बनाने की खुली धमकी दे दी है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।

 

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