
विमान के कॉकपिट में अचानक मौत का सन्नाटा छा गया था। को-पायलट सिर पर सवार होकर विमान को क्रैश करने की साजिश रच चुका था। एक तरफ हवा में झूलते सैकड़ों बेकसूर यात्रियों का जीवन था, तो दूसरी तरफ कैप्टन स्मित मछार का अटूट हौसला। खून से लथपथ होने के बावजूद उन्होंने विमान का नियंत्रण खोने नहीं दिया और 9/11 जैसी खौफनाक त्रासदी को होने से टाल दिया। इस अदम्य साहस और जांबाजी के बाद खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बातचीत की। पीएम से बातचीत के दौरान जब कैप्टन स्मित अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए, तो प्रधानमंत्री ने बेहद आत्मीयता से कहा, “आप मेरे सामने भावुक नहीं होंगे तो फिर कहां होंगे।”
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कॉकपिट में मौत का तांडव और हनुमान चालीसा का सहारा प्रधानमंत्री मोदी से अपने दिल का हाल बयां करते हुए कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने उस भयानक मंजर को याद करते हुए बताया कि एक पल के लिए उन्हें भी लगा कि विमान अब नीचे गिर जाएगा। चारों तरफ चीख-पुकार और अनहोनी का साया था, लेकिन उन्होंने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा। कैप्टन ने कहा, “मुझसे जितना बन पड़ा, मैंने किया। हालात इतने भयानक थे कि मैं मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा था। मैं अपनी आंखों के सामने इतने मासूम लोगों को मरते हुए नहीं देख सकता था।” उन्होंने बेहद सादगी के साथ अपनी बहादुरी का श्रेय खुद न लेकर भगवान को देते हुए कहा, “मैंने किसी को नहीं बचाया, हनुमान जी ने ही सबको बचा लिया।”
विदेश में भी भारतीय संस्कृति की ताकत, पीएम बोले- दुनिया को दिखाया अहिंसा का मतलब यात्रियों और विमान की सुरक्षा करते समय कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े थे, लेकिन उनका ध्यान सिर्फ विमान की सुरक्षित लैंडिंग पर था। कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी से कहा कि इतने दूर रहने के बावजूद उन्हें कभी नहीं लगता कि वे भारत से दूर हैं, क्योंकि उनकी जड़ें देश की संस्कृति से मजबूती से जुड़ी हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा, “आपने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि असल मायने में हिम्मत और अहिंसा क्या होती है। आज पूरा भारत आपके साथ खड़ा है।” इससे पहले 1 अक्टूबर को भी पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैप्टन स्मित को असली हीरो बताते हुए लिखा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन के अटूट संकल्प ने एक बहुत बड़ी त्रासदी को टाल दिया, जिस पर पूरे देश को गर्व है।
असिस्टेंट पायलट का खौफनाक हमला और 9/11 जैसी साजिश नाकाम यह खौफनाक घटना दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में घटी, जब सह-पायलट ने अचानक कैप्टन पर हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की। खून से लथपथ कैप्टन स्मित ने निडरता से उस हमले का मुकाबला किया और साजिश को नाकाम कर दिया। यूपीएससी की 100वीं सालगिरह पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने इस घटना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय पायलट की समझदारी ने अमेरिका में हुए 2001 के 9/11 आतंकी हमले जैसी तबाही को रोक दिया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित के इस अदम्य साहस की तारीफ की है।
सऊदी अरब में इमरजेंसी इलाज के बाद यूएई एयरलिफ्ट बुधवार 30 सितंबर को इस आपात स्थिति के दौरान विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंड कराया गया। यात्रियों की जान बचाते हुए गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित को तुरंत सऊदी अरब में शुरुआती इमरजेंसी इलाज दिया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए एयरलिफ्ट करके संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ले जाया गया। फिलहाल वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और डॉक्टरों की देखरेख में तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। पीएम मोदी समेत पूरी दुनिया आज भारतीय पायलट के इस अदम्य साहस को सलाम कर रही है।
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