Tuesday , 15 September 2026

भागलपुर में BJP नेता उमा भूषण तांती मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई, वर्तमान महिला पार्षद दीपिका कुमारी गिरफ्तार; जानिए पूरा मामला

बिहार के भागलपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता उमा भूषण तांती की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की तफ्तीश में जुटी विशेष जांच टीम (SIT) ने भागलपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 51 की वर्तमान पार्षद दीपिका कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा की गई तकनीकी जांच और वैज्ञानिक अनुसंधान (साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन) में इस बात के पुख्ता सुराग मिले हैं कि भाजपा नेता की हत्या की साजिश में दीपिका कुमारी भी शामिल थीं। गिरफ्तारी के बाद जरूरी कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी कर पुलिस ने पार्षद को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

इलाके में तनाव के बीच एसआईटी का एक्शन, महिला पुलिस ने की गिरफ्तारी

दिनदहाड़े सड़क पर भाजपा नेता उमा भूषण तांती को गोलियों से भून दिए जाने की इस जघन्य वारदात के बाद से ही पूरे क्षेत्र में भारी दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त था। राजनीतिक जुड़ाव और स्थानीय स्तर पर बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन पर हमलावरों और साजिशकर्ताओं को फौरन सलाखों के पीछे पहुंचाने का कड़ा दबाव था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भागलपुर पुलिस ने फौरन एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी की महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए पार्षद दीपिका कुमारी के ठिकाने पर छापेमारी की और उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया।

मंदिर निर्माण और महादेव तालाब पर वर्चस्व को लेकर रची गई खूनी साजिश

पुलिसिया पड़ताल में इस नृशंस हत्याकांड की जो मुख्य वजह सामने आई है, वह कुतुबगंज स्थित काली माता मंदिर और महादेव तालाब के आसपास का वर्चस्व विवाद है। जांच के मुताबिक, मृतक उमा भूषण तांती की देखरेख और अगुवाई में काली माता मंदिर के निर्माण का काम चल रहा था। मंदिर के इस निर्माण और इलाके में बढ़ते प्रभाव से पूर्व पार्षद व पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष शशि मोदी कथित तौर पर बेहद खफा चल रहा था।

पहले भी दी गई थी जान से मारने की धमकी, फिर अंजाम दिया गया हत्याकांड

पुलिस जांच में यह बात भी पुख्ता हुई है कि मंदिर के निर्माण कार्य, प्रबंधन और संचालन को लेकर पहले भी तीखा टकराव हुआ था। शशि मोदी और उसके भांजे कृष्णा मोदी ने उमा भूषण तांती को अंजाम भुगतने और जान से मारने की खुली धमकी दी थी। दोनों पक्षों के बीच मंदिर वर्चस्व को लेकर सुलगी यही पुरानी रंजिश आगे चलकर एक सुनियोजित खूनी साजिश में तब्दील हो गई, जिसके बाद भाड़े के शूटरों के जरिए दिनदहाड़े तांती को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया गया।

मुख्य आरोपी शशि मोदी और शूटर अब भी फरार, पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश

हत्याकांड की इस वारदात को अंजाम देने के बाद से ही नामजद मुख्य साजिशकर्ता पूर्व पार्षद शशि मोदी, उसका भांजा कृष्णा मोदी और वारदात में शामिल एक अज्ञात पेशेवर शूटर मौके से फरार हैं। पुलिस की विशेष टीमें इन फरार आरोपियों को दबोचने के लिए अलग-अलग संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों की धरपकड़ के लिए मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अत्याधुनिक तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है।

एसएसपी और सिटी एसपी खुद कर रहे हैं मामले की मॉनिटरिंग

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और सिटी एसपी अतुलेश झा स्वयं पल-पल की जांच की निगरानी कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्याकांड के हर छोटे-बड़े पहलू और साक्ष्य की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि कानून के शिकंजे से कोई भी आरोपी बच नहीं सकेगा और फरार चल रहे शशि मोदी, कृष्णा मोदी व शूटर को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

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