Monday , 15 June 2026

बड़ा एक्शन : मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा साफ्टवेयर इंजीनियर की माैत का लिया संज्ञान, एसआईटी ​गठित

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का संज्ञान लिया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की है। इसके अलावा नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम को हटा को दिया है।

मुख्यमंत्री ​के निर्देश पर गठित एसआईटी का नेतृत्व मेरठ की मंडलायुक्त करेंगी। उनके अलावा एडीजी जोन मेरठ और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चीफ इंजीनियर को शामिल किया गया है। एसआईटी पांच दिनों में जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

उल्लेखनीय है कि बीते 17 जनवरी को कोहरे के कारण साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में निर्माणाधीन साइड पर खोदे गए गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गए थे। घंटों रेस्क्यू अभियान के बाद जब उन्हें बाहर निकाला गया तो उनकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि युवराज की मृत्यु का ​अधिक समय तक पानी में डूबने के कारण दम घुटने से हुई है।

 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामला: एसडीएम सदर पहुंचे घटनास्थल पर
नोएडा के सेक्टर-150 स्थित बेसमेंट में गिरने के कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले जानकारी के लिए सोमवार दोपहर को एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान जैसे ही मीडिया को इसकी जानकारी हुई। वह मीडिया के कैमरे से घिर गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या प्राधिकरण की लापरवाही से हादसा हुआ है तो वह चुप हो गए । उन्होंने कहा है कि घटना दुखद है। जिसकी जांच हो रही है। वहीं हादसे के तीन बाद भी युवराज की कार अभी भी बेसमेंट के उस गड्ढे में फंसी हुई है। जिसमें पानी भरा है। बेसमेंट जमा पानी का स्तर बढ़ने के बजाए घट रहा है। वहीं मामले में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, दमकल ने पानी में डूबी कार को निकालने से मना कर दिया है। सभी विभागों का कहना है कि उनका काम जिंदा व्यक्ति को बचाना है। डूबी हुई कार को निकालना नहीं। इसकी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की है।

नोएडा प्राधिकरण द्वारा पहले बेसमेंट और गड्ढे से पानी निकालने के लिए पंप लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। पानी पूरी तरह निकलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम कार को बाहर निकालने की कार्रवाई करेगी। पुलिस की ओर से नोएडा प्राधिकरण को कहा गया है कि नाले में जिन नालों से पानी आ रही है। पहले उसे बंद कराया जाए। साथ ही डूबी हुई कार को निकालने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाए।

मामले में युवराज मेहता के पिता ने सोमवार को हरिद्वार जाकर अस्थि विसर्जन किया। इस दौरान उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। पिता का कहना है कि मामले में लापरवाही अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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