
सागर : मध्य प्रदेश के सागर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर अवैध और जहरीली शराब पीने से 10 ग्रामीणों की असमय मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। रविवार सुबह एक के बाद एक मरीजों को गंभीर हालत में बंडा सिविल अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत 10 लोगों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, मौत का प्राथमिक कारण जहरीली शराब का सेवन ही प्रतीत हो रहा है। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और भारी आक्रोश व्याप्त है, वहीं मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
चार गांवों में पसरा मातम, आधे घंटे में ठंडा पड़ गया शरीर
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात घूघर, नौराज, बराज, बमुराबेड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों ने अवैध रूप से बेची जा रही शराब का सेवन किया था। शराब पीने के कुछ ही देर बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। बमुराबेड़ा निवासी रामकुमार दांगी ने अपने चचेरे भाई को खोने के बाद दर्द बयां करते हुए बताया कि उनके गांव में ही पिछले दो दिनों में चार मौतें हो चुकी हैं। पहले दिन एक और दूसरे दिन तीन लोगों ने जान गंवाई। उन्होंने बताया कि तीन लोगों ने साथ बैठकर शराब पी थी, जिसके फौरन बाद उनका शरीर पूरी तरह ठंडा पड़ने लगा और महज आधे घंटे के भीतर उन्होंने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
नीले पड़ गए थे शव, 30 से ज्यादा की हालत नाजुक
बंडा सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल लाए गए मृतकों और अचेत मरीजों के शरीर पूरी तरह नीले पड़ चुके थे और अंगों में तेज अकड़न देखी गई। वर्तमान में 30 से अधिक प्रभावितों का सघन उपचार चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जहरीले तत्वों के सीधे तंत्रिका तंत्र और रक्त संचार पर असर करने के कारण मरीजों की हालत तेजी से बिगड़ी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं, ताकि जिन लोगों ने भी यह शराब पी है, उन्हें समय रहते चिकित्सीय निगरानी में लाया जा सके।
प्रशासनिक अमले में हड़कंप, 6 शराब दुकानें सील
इतनी बड़ी संख्या में मौतों की सूचना मिलते ही प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी तत्काल दल-बल के साथ नौराज और गूगरा खुर्द गांवों में पहुंचे। आला अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार का जायजा लिया। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। प्रभावित मुख्य क्षेत्रों में एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग में जुटी हैं। एहतियाती कदम उठाते हुए प्रशासन ने इलाके की 6 देशी-विदेशी शराब दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है और सभी स्टॉक की सैंपलिंग कराकर जांच के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर की नागरिकों से अहम अपील
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने नागरिकों से भावुक अपील जारी करते हुए कहा कि जिन लोगों ने भी बीते 24 से 48 घंटों के भीतर किसी भी प्रकार की शराब का सेवन किया है, वे बिना किसी डर के तुरंत अपनी चिकित्सीय जांच कराएं। यदि किसी को उल्टी, सिरदर्द, धुंधलापन, पेट दर्द, शरीर में अकड़न या असामान्य बुखार महसूस हो रहा है, तो वे तुरंत स्थानीय डॉक्टरों से संपर्क करें या सीधे बंडा सिविल अस्पताल पहुंचें, जहां सभी जीवनरक्षक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं। पुलिस प्रशासन ने अवैध शराब के इस पूरे काले नेटवर्क से जुड़े माफियाओं पर कठोरतम विधिक कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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