Thursday , 20 August 2026

 एक्शन में सीएम योगी: यूपी के स्कूलों-कॉलेजों में अव्यवस्था पर नपेंगे लापरवाह अफसर, जारी हुए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में शिक्षण संस्थानों की बदहाली, कुप्रबंधन और शिक्षकों की कमी के खिलाफ सड़कों पर उतरे विद्यार्थियों के आक्रोश को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया है। राजधानी लखनऊ, आजमगढ़, हमीरपुर, महोबा और उन्नाव समेत तमाम जिलों में उपजे असंतोष पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शासन स्तर से बड़ी प्रशासनिक सर्जरी और निगरानी तंत्र की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में चेताया है कि नौनिहालों के भविष्य और पठन-पाठन की गुणवत्ता से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।

CMO के नोडल अफसर रखेंगे सीधी नजर, तय होगी अफसरों की जवाबदेही

संस्थानों में व्याप्त प्रशासनिक खामियों और स्टाफ की किल्लत पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने समस्याओं के फौरी निस्तारण का फरमान सुनाया है। पूरी व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के वरिष्ठ अफसरों को विशेष नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी देकर मैदान में उतारा गया है। ये नोडल अधिकारी बेसिक, माध्यमिक, उच्च, तकनीकी, व्यावसायिक शिक्षा के अलावा समाज कल्याण और श्रम विभाग के अधीन संचालित तमाम शिक्षण संस्थानों पर सीधी निगरानी रखेंगे। किसी भी संस्थान में अव्यवस्था अथवा लापरवाही उजागर होने पर सीधे संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में लेटलतीफी पर तरेरी आंखें

सर्वोदय विद्यालयों में 1 अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के बावजूद शिक्षकों की तैनाती में बरती गई सुस्ती पर शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। सत्र शुरू होने के महीनों बाद जून में विज्ञापन जारी करने की लेटलतीफी पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच बैठा दी गई है। भर्ती प्रक्रिया को लटकाने वाले दोषी अधिकारियों की पहचान कर उन पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में सत्र के बीच छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

सोशल मीडिया पर वायरल शिकायतों का DM खुद देंगे जवाब

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों (DM) को शिक्षण व्यवस्था से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया मंचों पर स्कूलों की बदहाली से जुड़े मामलों पर प्रशासनिक स्तर से त्वरित संज्ञान लेकर जांच कराई जाएगी और जिला प्रशासन के आधिकारिक हैंडल्स से तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की जाएगी, जिससे न केवल अफवाहों पर लगाम लगेगी बल्कि शिकायतों का समयबद्ध निवारण भी होगा।

जलभराव व सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ब्लॉक स्तर पर टास्क

प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती, परिसर में स्वच्छता और छात्र-अभिभावक संवाद को बढ़ावा देने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। मानसूनी मौसम को देखते हुए परिसरों में जलभराव रोकने, जल निकासी का पुख्ता प्रबंध करने और स्वच्छता मानकों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी ब्लॉक स्तरीय टीमों को सौंपी गई है।

 

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