नई दिल्ली: उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक, इस समय पूरा देश सूरज की तपिश से झुलस रहा है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक देश के कई हिस्सों में भीषण ‘हीटवेव’ यानी लू का प्रकोप जारी रहने वाला है। हालांकि, राहत की बात यह है कि पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन क्या यह बारिश वाकई तपती धरती को ठंडी कर पाएगी? आइए जानते हैं विस्तार से।
दिल्ली में टूटा सीजन का रिकॉर्ड, लखनऊ-पटना का भी बुरा हाल
राजधानी दिल्ली में शनिवार को पारा 44.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिसने इस सीजन के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। रविवार को भी तापमान 40 डिग्री के पार ही बना रहा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पारा सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक यानी 42.9 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी के इसी सितम को देखते हुए बिहार के पटना में कक्षा 8 तक के स्कूलों को सुबह 11:30 बजे के बाद बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, उत्तराखंड के देहरादून में भी भीषण लू के चलते पहली से 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, एक तरफ जहां लू चल रही है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम करवट ले सकता है। 28 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में, जबकि 28 से 30 अप्रैल के बीच हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। उत्तराखंड में भी 2 मई तक गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी 27 अप्रैल से 2 मई के बीच धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश का अलर्ट है, लेकिन क्या इससे गर्मी कम होगी? जवाब है—नहीं।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वोत्तर राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 26 अप्रैल से 2 मई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी 30 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। केरल में तो 29 अप्रैल से 1 मई के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी 30 अप्रैल तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
बारिश तो होगी, लेकिन उमस बढ़ाएगी मुसीबत
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बारिश होने के बावजूद लोगों को गर्मी से तत्काल राहत नहीं मिलने वाली है। IMD के अनुसार, बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ेगी जिससे उमस भरी गर्मी (Humid Heat) का सामना करना पड़ सकता है। 29 और 30 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 3-5 डिग्री की मामूली गिरावट आएगी, लेकिन 1 और 2 मई से पारा फिर से 2-3 डिग्री चढ़ जाएगा। यानी राहत महज चंद घंटों की होगी।
रात में भी नहीं मिलेगी चैन की नींद: ‘वॉर्म नाइट’ अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में ‘वॉर्म नाइट’ यानी गर्म रातों का अलर्ट भी जारी किया है। इसका मतलब है कि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे रात के समय भी चैन मिलना मुश्किल होगा। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 29 अप्रैल तक हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
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