Sunday , 31 May 2026

यूपीएससी छात्रा से गैंगरेप के आरोपी शिवम और सन्नी ने कोर्ट में किया सरेंडर, हाईटेक पुलिस की तलाश रह गई धरी की धरी

लखनऊ। राजधानी की हाईटेक पुलिस और उसकी सर्विलांस टीमें हाथ मलती रह गईं और गैंगरेप के शातिर आरोपी कानून की आंखों में धूल झोंककर सीधे अदालत पहुंच गए। सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी शिवम यादव और सन्नी यादव ने शनिवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। डीसीपी दक्षिण जोन की छह टीमें जिन आरोपियों की तलाश में दिन-रात एक किए हुए थीं, उन्होंने बेहद शातिर तरीके से पुलिस के पूरे सिस्टम को फेल कर दिया। अब पुलिस दोनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की कानूनी कवायद में जुट गई है।

दिल्ली से लखनऊ ट्रांसफर हुआ था केस, पुलिस ने घोषित किया था इनाम

जौनपुर की रहने वाली पीड़िता दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रही है। बीते 15 तारीख को जब वह वापस लौट रही थी, तब चारबाग रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात शिवम यादव नाम के युवक से हुई, जो डिलीवरी बॉय का काम करता है। शिवम बहला-फुसलाकर छात्रा को सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के तहत मेदांता अस्पताल के पीछे, प्रधानमंत्री आवास योजना में स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया। आरोप है कि वहां छात्रा की कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर शिवम, सन्नी और उनके साथियों ने सामूहिक बलात्कार किया। वारदात के बाद जब छात्रा की तबीयत बिगड़ी, तो आरोपियों ने उसे ट्रेन में बैठा दिया। रास्ते में होश आने पर पीड़िता ने आपबीती परिजनों को बताई, जिसके बाद दिल्ली में जीरो एफआईआर दर्ज हुई। घटनास्थल लखनऊ होने के कारण मामला सुशांत गोल्फ सिटी थाने ट्रांसफर किया गया था।

बनारस में काटी फरारी, बंद मोबाइल ने पुलिस को छकाया

केस दर्ज होने के बाद लखनऊ पुलिस की साख दांव पर थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दक्षिण जोन की छह स्पेशल टीमें बनाई गईं और उन पर इनाम भी घोषित किया गया। लेकिन आरोपी खाकी से दस कदम आगे निकले। पुलिस की सर्विलांस टीम इस इंतजार में बैठी रही कि कब आरोपियों का मोबाइल ऑन हो और उनकी लोकेशन ट्रेस की जा सके। वहीं, आरोपियों ने अपने फोन पूरी तरह बंद कर दिए और वाराणसी (बनारस) में एक सुरक्षित पनाहगाह ढूंढ ली। जब पुलिस कड़ियां जोड़ने में जुटी थी, तब तक आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर करने की पूरी स्क्रिप्ट लिख डाली थी। शनिवार को दोनों अचानक कोर्ट पहुंचे और सरेंडर कर दिया, जिससे पुलिस की सारी प्लानिंग धरी की धरी रह गई।

पीड़िता का बयान दर्ज, अब पुलिस लेगी रिमांड पर

मामले में पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें उसने आरोपियों की दरिंदगी की पूरी कहानी बयां की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भले ही आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है, लेकिन उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। वारदात में शामिल अन्य मददगारों और साक्ष्यों को जुटाने के लिए पुलिस बहुत जल्द कोर्ट में अर्जी देकर दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेगी, ताकि नशीला पदार्थ खिलाने और गैंगरेप की इस खौफनाक वारदात की हर परत को बेनकाब किया जा सके।

Check Also

सावधान अभिभावक! नाबालिग बच्चों को थमाई गाड़ी की चाबी तो नपेगा परिवार, कानपुर DM की कड़ी चेतावनी !

सरसौल (कानपुर नगर)। अगर आप भी अपने नाबालिग बच्चों की जिद के आगे झुककर उन्हें …