नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत समूचे भारत में सूर्य देव के तेवर तीखे बने हुए हैं। आलम यह है कि देश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का कहर जारी है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। बुधवार को देश के 40 शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश का बांदा जिला भीषण लू (Heat Wave) की चपेट में रहा और 45.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड हुआ।
बांदा और चंद्रपुर में आग बरसता आसमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को देश के 7 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। उत्तर प्रदेश के बांदा के बाद महाराष्ट्र का चंद्रपुर 45 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे नंबर पर रहा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों को छोड़ दें, तो देश के बाकी मैदानी इलाकों में तापमान 40 से 46 डिग्री के बीच झूल रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों में पारा सामान्य से 5 डिग्री तक अधिक बना हुआ है।
दिल्ली में पारा गिरा, पर राजस्थान के लिए ‘रेड अलर्ट’
दिल्लीवासियों के लिए बुधवार का दिन राहत भरा रहा, जहाँ अधिकतम तापमान औसत से 2-3 डिग्री कम दर्ज किया गया। दिल्ली का आयानगर 39.5 डिग्री के साथ सबसे गर्म इलाका रहा। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिन तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने 1 से 3 मई के दौरान पश्चिमी राजस्थान में भीषण ‘हीट वेव’ चलने की चेतावनी जारी की है। राजस्थान के कई जिलों में पारा रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर पहुंचने की आशंका है।
मई-जून में टूटेंगे गर्मी के सारे रिकॉर्ड?
IMD ने आने वाले दो महीनों के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, वह डराने वाला है। इस साल मई और जून में रिकॉर्ड गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है। आमतौर पर इन महीनों में लू (Heat Wave) के 3 से 7 दिन होते हैं, लेकिन इस बार चेतावनी दी गई है कि लू वाले दिनों की संख्या 5 से 7 दिन ज्यादा रह सकती है। यानी उत्तर और मध्य भारत के लोगों को लंबे समय तक झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
कहीं लू का थपेड़ा, तो कहीं भारी बारिश का अलर्ट
एक तरफ जहाँ देश का बड़ा हिस्सा गर्मी से तप रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। असम और मेघालय में गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में भारी बारिश से गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त होने का खतरा भी मंडरा रहा है।
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