कोलकाता/फलोदी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान संपन्न होते ही देश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जहां दूसरे चरण में करीब 91% भारी मतदान ने विश्लेषकों को चौंका दिया है, वहीं अब सबकी नजरें फलोदी सट्टा बाजार के उन आंकड़ों पर टिक गई हैं, जो अक्सर बड़े-बड़े एग्जिट पोल को पीछे छोड़ देते हैं। चुनावी गलियारों में चर्चा है कि इस बार बंगाल की सत्ता की चाबी किसके पास होगी—ममता बनर्जी की हैट्रिक बरकरार रहेगी या भाजपा का ‘मिशन बंगाल’ सफल होगा?
फलोदी सट्टा बाजार का गणित: बंगाल में बदल रही है हवा?
राजस्थान का फलोदी सट्टा बाजार अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए देश भर में मशहूर है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चुनाव के शुरुआती दौर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बढ़त दी जा रही थी, लेकिन दूसरे चरण की वोटिंग के बाद समीकरण पूरी तरह बदलते दिख रहे हैं। सट्टा बाजार अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 150 से 152 सीटें मिलने का अनुमान लगा रहा है, जबकि TMC को 137 से 140 सीटों के बीच सिमटता दिखाया गया है। यह आंकड़ा बहुमत के जादुई आंकड़े (148) को पार करता दिख रहा है, जिससे भाजपा खेमे में उत्साह है।
भवानीपुर सीट पर फंसा पेंच, ममता बनर्जी की स्थिति हुई ‘कमजोर’
सट्टा बाजार की सबसे चौंकाने वाली खबर हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट से आ रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के जीतने का भाव पहले 20 से 25 पैसे था, जो अब बढ़कर 50 पैसे तक पहुंच गया है। सट्टा बाजार के नियमों के अनुसार, जिस उम्मीदवार का भाव जितना बढ़ता है, उसकी जीत की संभावना उतनी ही कम मानी जाती है। ऐसे में यह संकेत मिल रहे हैं कि अपनी पारंपरिक सीट पर भी दीदी को इस बार कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है।
असम, तमिलनाडु और केरल: बाकी राज्यों में किसका पलड़ा भारी?
सिर्फ बंगाल ही नहीं, सट्टा बाजार ने अन्य चुनावी राज्यों के लिए भी अपने ‘सेशन’ खोल दिए हैं:
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असम: यहां भाजपा गठबंधन (NDA) की वापसी तय मानी जा रही है। बाजार के अनुसार, NDA को 98 से 100 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस गठबंधन 24 से 26 सीटों पर सिमट सकता है।
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तमिलनाडु: यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प है। सट्टा बाजार इंडिया गठबंधन (DMK+) को 140 सीटें और NDA को 100 सीटें दे रहा है, जो राज्य में सत्ता परिवर्तन या एकतरफा मुकाबले की ओर इशारा करता है।
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केरल: ‘गॉडस ओन कंट्री’ में भी बड़ा उलटफेर दिख रहा है। बाजार का रुख UDF (कांग्रेस गठबंधन) की ओर है, जिसे 80 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि सत्ताधारी LDF को 60 सीटों पर खड़ा किया गया है।
हालांकि, सट्टा बाजार के ये आंकड़े केवल एक अनुमान हैं और असली परिणाम 4 मई 2026 को मतगणना के बाद ही साफ होंगे।
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