लखनऊ/कानपुर। उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में एक बार फिर बहुत बड़ा राजनीतिक तूफान उठने के साफ संकेत मिल रहे हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची अंदरूनी कलह और महाराष्ट्र में शिवसेना व एनसीपी में हुई ऐतिहासिक टूट के बाद, अब उत्तर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिली कड़ी चुनौतियों के बाद, अब सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी को लेकर एक ऐसा ‘सियासी परमाणु बम’ फोड़ा है, जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति में तहलका मचा दिया है। कानपुर में मीडियाकर्मियों से बेहद तीखे लहजे में बात करते हुए केशव मौर्य ने सीधे तौर पर सपा के वजूद और उसके राजनीतिक भविष्य पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
‘सैफई तो जा सकती है साइकिल, पर सत्ता के गलियारे में अब जगह नहीं’
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सीधे निशाने पर लेते हुए दावा किया कि अब इस क्षेत्रीय दल का अंत बेहद करीब आ चुका है। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “अब समाजवादी पार्टी का संचालन अखिलेश की साइकिल के बूते का नहीं रह गया है। यह साइकिल अब केवल सैफई की गलियों तक तो जा सकती है, लेकिन उत्तर प्रदेश की सत्ता के मुख्य गलियारे में अब यह दोबारा कभी नहीं चल पाएगी।” मौर्य ने साफ शब्दों में कहा कि लोकसभा चुनाव की सफलता से सपा प्रमुख जिस मुगालते में जी रहे हैं, वह बहुत जल्द टूटने वाला है।
सबसे बड़ा और चौंकाने वाला दावा: सपा के 25 से 26 सांसद टूटने को बेताब
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सबसे सनसनीखेज दावा करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के भीतर इस समय सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और उसके 25 से 26 मौजूदा सांसद अभी पाला बदलने और पार्टी तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं। हालांकि, उन्होंने मुस्कुराते हुए आगे कहा, “हम फिलहाल उन्हें खुद से नहीं तोड़ रहे हैं, क्योंकि हमें अच्छी तरह पता है कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद यह पार्टी आंतरिक अंतर्विरोधों के कारण खुद ही पूरी तरह टूटकर बिखर जाएगी।” मौर्य ने सपा की तुलना ममता बनर्जी की टीएमसी से करते हुए चेतावनी दी कि जो हश्र बंगाल में विरोधी दलों और असंतुष्टों का हुआ है, वही स्थिति बहुत जल्द उत्तर प्रदेश में सपा की भी होने वाली है।
राम मंदिर दान विवाद पर विपक्ष को घेरा, कहा- ‘भ्रम फैलाने वालों को मिलेगा करारा जवाब’
डिप्टी सीएम मौर्य ने दोटूक लहजे में कहा कि देश और प्रदेश के भीतर हिंदू समाज की बढ़ती सांस्कृतिक और सामाजिक एकजुटता को देखकर समूचा विपक्ष पूरी तरह बौखला गया है। अयोध्या के राम मंदिर मामले में विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे कथित ‘चढ़ावा चोरी’ के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, “देश की प्रतिष्ठित जांच एजेंसियां और एसआईटी (SIT) पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही हैं। प्रभु श्री राम के दरबार में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वाले दोषियों के खिलाफ बेहद कड़ी और कानूनी कार्रवाई होना पूरी तरह निश्चित है।” उन्होंने विपक्ष को चेताते हुए कहा कि जनता सोशल मीडिया पर भ्रम और अफवाह फैलाने वालों को साल 2027 के चुनाव में ईवीएम का बटन दबाकर करारा जवाब देने का मन बना चुकी है।
भाजपा का ‘मिशन 2027’: फ्रंटफुट पर आकर क्षेत्रीय क्षत्रपों को कमजोर करने की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देश के सबसे बड़े राज्य के डिप्टी सीएम द्वारा दिया गया यह बयान महज एक सामान्य राजनीतिक बयानबाजी नहीं है, बल्कि यह सपा के भीतर परदे के पीछे चल रहे किसी बहुत बड़े ‘ऑपरेशन’ की तरफ सीधा इशारा है। पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जिस तरह जमीनी स्तर पर सोशल इंजीनियरिंग के जरिए बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी की थीं, अब भाजपा उसी ‘कांटे’ को निकालने के लिए आक्रामक काउंटर-रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी अब क्षेत्रीय क्षत्रपों को अंदर से खोखला करने और उनके बड़े चेहरों को अपने पाले में लाने की तैयारी में है।
केशव प्रसाद मौर्य ने बीजेपी के ‘मिशन 2027’ को धार देते हुए स्पष्ट किया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डबल इंजन नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार किसी भी कीमत पर थमने वाली नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ (एक देश-एक चुनाव) के संकल्प को देशहित में बेहद जरूरी कदम बताते हुए कहा कि यह देश के कीमती समय और भारी-भरकम वित्तीय संसाधनों की बचत के लिए अत्यंत अनिवार्य है। केशव मौर्य के इन बेहद तीखे तेवरों ने यह साफ कर दिया है कि 2027 के महासंग्राम की रणभेरी बजने से पहले उत्तर प्रदेश की बिसात पर शह और मात का एक बहुत बड़ा खेल शुरू हो चुका है।
वर्जन….
भाजपा सपा को बदनाम करने के लिए निम्नस्तर पर उतर आई है और छद्म तरीके से पार्टी की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रही है। हम हर साजिश का जवाब देने को तैयार हैं। 2027 में उप्र के “बुरे दिन” समाप्त होंगे, “सामाजिक न्याय” का नया रास्ता प्रशस्त होगा।
अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष सपा
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