
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध फंडिंग की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार तड़के आजम खान और उनके करीबियों से जुड़े ठिकानों पर व्यापक छापेमारी शुरू की है। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई रामपुर, सहारनपुर और देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ लगभग 10 परिसरों पर चल रही है।
तड़के 7 बजे पहुंचीं टीमें, भारी पुलिस बल तैनात सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी बुधवार सुबह करीब 7 बजे सुरक्षाबलों के साथ संबंधित परिसरों पर पहुंचे। रामपुर और सहारनपुर के ठिकानों के साथ दिल्ली स्थित संपत्तियों पर भी एक साथ दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और परिसरों में लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। ईडी की टीम अंदर मौजूद अहम वित्तीय दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स को खंगालने में जुटी है।
जौहर यूनिवर्सिटी और संबंधित ट्रस्ट भी रडार पर जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान के दायरे में सपा नेता से जुड़ा ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी भी शामिल है। टीम विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचकर प्रशासनिक व वित्तीय अभिलेखों की गहन पड़ताल कर रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई ईडी की यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत की जा रही है। एजेंसी का मुख्य फोकस संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, अज्ञात फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की पड़ताल करना है।
सरकारी फंड की हेराफेरी और निर्माण में इस्तेमाल का आरोप जांच एजेंसियों के अनुसार, पूरा मामला सरकारी ठेकों और योजनाओं से जुड़े फंड के कथित डायवर्जन से संबंधित है। आरोप है कि सरकारी धन को निजी ठेकेदारों के जरिए डायवर्ट किया गया और फिर उस बड़ी रकम का इस्तेमाल जौहर यूनिवर्सिटी तथा ट्रस्ट की अचल संपत्तियों के निर्माण और अन्य संबंधित परियोजनाओं में किया गया। एजेंसी अब फंड ट्रेल और बैंक खातों के ब्योरे के जरिए इस वित्तीय हेराफेरी के पुख्ता सबूत जुटाने में लगी है।
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