
लखनऊ ब्यूरो: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक बड़ा रणनीतिक दांव चला है। सपा आलाकमान ने ऐन मौके पर दो महत्वपूर्ण सीटों पर अपने घोषित प्रत्याशियों के नाम वापस लेकर नए चेहरों को चुनावी रण में उतार दिया है। पार्टी ने आगरा खंड स्नातक सीट से डॉ. आकाश अग्रवाल को प्रत्याशी घोषित किया है, वहीं गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व भाजपा नेता डॉ. संजयन त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
शशांक यादव और कमलेश यादव की जगह नए चेहरों की एंट्री सपा द्वारा किए गए इस संगठनात्मक बदलाव के बाद दोनों हाई-प्रोफाइल सीटों पर सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। इससे पहले समाजवादी पार्टी ने आगरा स्नातक सीट से शशांक यादव और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव के नाम की घोषणा की थी। दोनों सीटों पर पहले से घोषित यादव चेहरों को हटाकर ब्राह्मण और वैश्य वर्ग से जुड़े प्रत्याशियों को टिकट देकर पार्टी ने सामाजिक समीकरणों (सोशल इंजीनियरिंग) को नया रूप देने की रणनीति अपनाई है।
भाजपा से बागी हुए संजयन त्रिपाठी पर सपा का भरोसा गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर डॉ. संजयन त्रिपाठी के नाम के ऐलान के बाद से पूर्वांचल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दरअसल, संजयन त्रिपाठी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन भाजपा ने मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी पर ही दोबारा भरोसा जताते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। भाजपा से टिकट कटने के बाद संजयन त्रिपाठी ने बगावती रुख अपनाते हुए निर्दलीय ताल ठोक दी थी और 2 अक्टूबर को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया था। अब समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपना आधिकारिक समर्थन और सिंबल देकर इस सीट पर मुकाबले को त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प बना दिया है।
11 सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग, 27 को आएंगे नतीजे उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा पहले ही हो चुकी है। आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, इन सभी 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। नामांकन और नाम वापसी के दौर में सपा द्वारा किए गए इस फेरबदल ने शिक्षक व स्नातक मतदाताओं के बीच नई सियासी बहस छेड़ दी है।
पीडीए की ताकत से होगा भाजपा का सूपड़ा साफ: अखिलेश यादव प्रत्याशियों के बदलाव के साथ ही सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन ने जनता के सहयोग से भाजपा को करारी शिकस्त दी थी और इस बार भी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकजुट ताकत के आगे भाजपा कहीं नहीं टिकेगी। उन्होंने कहा, ‘सपा का पीडीए प्रेम, दया, अपनापन और न्याय की नींव पर खड़ा है। हमारी पार्टी हर पीड़ित, शोषित और उपेक्षित वर्ग के साथ खड़ी है, जबकि भाजपा ने अपने कार्यकाल में समाज के हर तबके को केवल अपमानित, शोषित और ठगने का काम किया है।’
‘जेन-जी और युवा बेरोजगार, भाजपा के विकास का दावा खोखला’ सपा प्रमुख ने युवाओं और छात्रों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि आज की नई पीढ़ी और ‘जेन-जी’ के सामने सबसे बड़ा संकट बेरोजगारी का है। युवाओं के हाथों में डिग्रियां हैं लेकिन रोजगार के अवसर पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं। प्रदेश का हर शिक्षित युवा भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से नाराज और निराश है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में उत्तर प्रदेश से भाजपा का पूरी तरह सफाया होना निश्चित है। अखिलेश ने कहा कि बुनियादी विकास, शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर भाजपा कभी भी समाजवादी पार्टी के पूर्व के ऐतिहासिक विकास कार्यों की बराबरी नहीं कर सकती।
voice of india